facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

Budget 2023 : बजट से निराश खाद्य तेल कारोबारी

Advertisement
Last Updated- February 03, 2023 | 4:33 PM IST
Edible oil

आम बजट खाद्य तेल (Edible Oil) कारोबारियों की उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा। इन कारोबारियों की राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन और खाद्य तेलों पर इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ने की उम्मीद पूरी नहीं हुई।

अखिल भारतीय खाद्य तेल व्यापारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष शंकर ठक्कर ने बताया कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में सभी वर्ग को खुश करने की कोशिश की है, लेकिन खाद्य तेल कारोबारियों को खुश नहीं कर पाई।

कारोबारियों को उम्मीद थी कि बजट में केंद्र सरकार आयातित खाद्य तेल की मांग को कम करने के लिए राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन शुरू करेगी, लेकिन इस संबंध में कोई घोषणा नहीं की गई है।

भारत लगभग एक लाख करोड़ रुपये खाद्य तेल के आयात में खर्च करता है। अगर सरकार इस बजट में खाद्य तेल मिशन की घोषणा करती तो आने वाले समय में 30 से 40 फीसदी आयात कम किया जा सकता है।

दिल्ली खाद्य तेल संघ के सचिव हेमंत गुप्ता कहते हैं कि सरकार ने खाद्य तेल सस्ते करने के लिए इनके आयात पर शुल्क काफी घटा दिए थे। जिससे आयातित तेलों की आपूर्ति ज्यादा होने से इनके दाम घटे हैं। साथ ही इससे देश में घरेलू तेल उद्योग और तिलहन किसानों को नुकसान हो रहा है।

उन्होंने कहा ऐसे में सरकार को घरेलू खाद्य तेल उद्योग को बढ़ावा देने के लिए बजट में खाद्य तेलों के आयात पर शुल्क को बढ़ाने की घोषणा करनी चाहिए थी क्योंकि घरेलू उद्योग को बढ़ावा मिलने पर ही देश खाद्य तेलों के मामले में आत्मनिर्भर हो पाएगा। बजट में खाद्य तेलों के आयात पर शुल्क न बढ़ने से खाद्य तेल कारोबारियों को निराशा हाथ लगी है।

Advertisement
First Published - February 3, 2023 | 3:58 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement