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803 करोड़ रुपये का दांव! BMW Industries को एक प्लांट से होगी 4500 करोड़ रुपये की कमाई?

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झारखंड में बन रहा स्टील का मेगा प्रोजेक्ट, कंपनी ने जताई बड़ी उम्मीद

Last Updated- June 05, 2026 | 8:08 AM IST
Harsh Bansal, Managing Director, BMW Industries Ltd.
हर्ष बंसल, प्रबंध निदेशक, बीएमडब्ल्यू इंडस्ट्रीज लिमिटेड

कोलकाता की बीएमडब्ल्यू इंडस्ट्रीज को उम्मीद है कि झारखंड के बोकारो में उसका 803 करोड़ रुपये का नया इस्पात परिसर पूरी तरह चालू हो जाएगा तो उसे 4,000-4,500 करोड़ रुपये का सालाना राजस्व मिलने लगेगा। यह उसके पारंपरिक इस्पात रूपांतरण व्यवसाय से इतर विस्तार का महत्त्वपूर्ण संकेत है।

इस्पात कंपनी इस परियोजना के पहले चरण को, जिसमें कलर-कोटेड स्टील उत्पाद शामिल हैं, वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही खत्म होने से पहले चालू कर देना चाहती है। नई दिल्ली में बिज़नेस स्टैंडर्ड को दिए इंटरव्यू में कंपनी के प्रबंध निदेशक हर्ष बंसल ने बताया कि वित्त वर्ष 2028 तक पूरा परिचालन शुरू हो जाने की उम्मीद है।

बंसल ने कहा, ‘वित्त वर्ष 2028 में जब संयंत्र पूरी तरह चलने लगेगा, तो इससे सालाना लगभग 4,000-4,500 करोड़ रुपये का राजस्व मिल सकता है। हमें उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2030 तक यह लक्ष्य हासिल हो जाएगा।’ बंसल ने दावा किया कि बोकारो प्लांट राज्य के डाउनस्ट्रीम कोटेड इस्पात सेक्टर में निजी क्षेत्र का सबसे बड़ा निवेश है।

बोकारो संयंत्र बिजनेस-टु-बिजनेस सेल्स मॉडल अपनाएगा और यहां हाउसिंग, निर्माण, सोलर, इन्फ्रास्ट्रक्चर और जनरल इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों के लिए गैल्वेनाइज़्ड, गैल्वैल्यूम, जिंक-एल्युमीनियम-मैग्नीशियम (जेडएएम) कोटेड और कलर-कोटेड इस्पात उत्पाद बनाए जाएंगे।

बीएमडब्ल्यू इंडस्ट्रीज ने परियोजना के लिए 500 करोड़ रुपये का कर्ज लिया है। बंसल ने बताया कि नकदी प्रवाह निरंतर होने के बाद वित्त वर्ष 2028 की तीसरी तिमाही से कर्ज चुकाना शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा, ‘कर्ज वित्त वर्ष 2035 तक चुकाना है। लेकिन हमारी कोशिश उससे पहले ही चुकाने की होगी।’

कंपनी को उम्मीद है कि इस परियोजना से उसकी पूंजी पर 15 फीसदी से ज्यादा का रिटर्न (आरओसीई) मिलेगा, जबकि संपूर्ण बोकारो परिचालन के बाद पूरे व्यवसाय के लिए मिला-जुला एबिटा मार्जिन 12-14 प्रतिशत के दायरे में स्थिर होने की उम्मीद है।

 

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First Published - June 5, 2026 | 8:08 AM IST

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