Google ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दौड़ में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए कई बड़े ऐलान किए हैं। कंपनी ने अपने लोकप्रिय सर्च इंजन को नए अंदाज में पेश करने के साथ-साथ AI कोडिंग टूल्स और Gemini ऐप के नए फीचर्स भी लॉन्च किए हैं। इन घोषणाओं को अमेरिका के कैलिफोर्निया स्थित माउंटेन व्यू में आयोजित कंपनी के सालाना डेवलपर कॉन्फ्रेंस में पेश किया गया।
Google ने अपने सर्च बॉक्स को इस तरह अपडेट किया है कि अब यह यूजर्स के लंबे और जटिल सवालों को बेहतर तरीके से समझ सके। कंपनी का कहना है कि लोग अब पारंपरिक छोटे कीवर्ड की जगह चैटबॉट्स की तरह विस्तार से सवाल पूछ रहे हैं। इसी बदलाव को ध्यान में रखते हुए सर्च इंजन को AI आधारित बनाया जा रहा है।
कंपनी आने वाले समय में ऐसे AI एजेंट्स भी जोड़ने की तैयारी कर रही है जो यूजर्स के लिए कई काम खुद कर सकेंगे। इनमें पसंदीदा विषयों पर नजर रखना, रेस्टोरेंट या टिकट बुक करना और हेल्थ अपडेट्स मॉनिटर करना जैसे फीचर्स शामिल होंगे। हालांकि शुरुआती चरण में कुछ सुविधाएं केवल पेड सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध रहेंगी।
Sundar Pichai ने कार्यक्रम के दौरान कहा कि AI अब कंपनी के हर हिस्से को नई दिशा दे रहा है। उन्होंने कहा कि तकनीक में तेजी से हो रही प्रगति और लगातार नए प्रोडक्ट लॉन्च करने की वजह से यह समय “हाइपर प्रोग्रेस” का दौर बन गया है।
पिचाई के मुताबिक AI पर फोकस बढ़ाने का असर Google Search के इस्तेमाल पर भी पड़ा है और प्लेटफॉर्म की पहुंच लगातार बढ़ रही है।
Google का AI चैटबॉट ऐप Gemini भी तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। कंपनी के अनुसार पिछले एक साल में Gemini के यूजर्स की संख्या दोगुनी से ज्यादा बढ़ी है और अब इसके करीब 90 करोड़ मासिक यूजर्स हैं।
Google का लक्ष्य सिर्फ आम यूजर्स तक सीमित नहीं है। कंपनी कॉर्पोरेट सेक्टर में भी AI आधारित सेवाओं के जरिए अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती है।
AI आधारित कोडिंग टूल्स इस समय टेक इंडस्ट्री का सबसे तेजी से बढ़ता बाजार बन चुके हैं। इस क्षेत्र में OpenAI और Anthropic जैसी कंपनियां पहले से मजबूत स्थिति में हैं। ऐसे में Google ने भी डेवलपर्स के लिए कई नए AI कोडिंग टूल्स लॉन्च किए हैं।
कंपनी ने “Antigravity” नाम के प्लेटफॉर्म के तहत ऐसे टूल्स पेश किए हैं जिनकी मदद से डेवलपर्स AI की सहायता से कोड लिख सकेंगे और AI एजेंट्स को मैनेज कर पाएंगे। यह प्लेटफॉर्म Google ने पिछले साल लॉन्च किया था।
Google ने अपने फ्लैगशिप AI मॉडल का नया वर्जन Gemini 3.5 Flash भी पेश किया। कंपनी का दावा है कि यह उसका अब तक का सबसे बेहतर कोडिंग मॉडल है।
Google के अनुसार यह मॉडल कई मामलों में प्रतिस्पर्धी कंपनियों के मॉडल से तेज काम करता है और इसकी लागत भी कम है। कंपनी ने बताया कि इसका “Pro” वर्जन फिलहाल कंपनी के भीतर इस्तेमाल हो रहा है और अगले महीने आम यूजर्स के लिए लॉन्च किया जाएगा।
पूर्व DeepMind शोधकर्ता और AI स्टार्टअप Simular के सीईओ Ang Li का कहना है कि AI कोडिंग के क्षेत्र में Google अभी भी वापसी कर सकता है। उनके मुताबिक कंपनी का इतिहास धीरे लेकिन लगातार बेहतर प्रदर्शन करने का रहा है।
Google अब अपने Search प्लेटफॉर्म में भी स्मार्ट मैनेजमेंट फीचर्स जोड़ रहा है। कंपनी के AI प्लान्स लेने वाले यूजर्स Search के भीतर ही कस्टम डैशबोर्ड बना सकेंगे। इसकी मदद से शादी की तैयारी, फिटनेस रूटीन या दूसरे निजी कामों को व्यवस्थित तरीके से मैनेज किया जा सकेगा।
कंपनी ने डेवलपर्स के लिए 100 डॉलर प्रति महीने वाला नया सब्सक्रिप्शन प्लान भी लॉन्च किया है। इसके जरिए डेवलपर्स को Google के एडवांस AI टूल्स और फीचर्स तक ज्यादा पहुंच मिलेगी।
इन बड़े ऐलानों के बीच Alphabet के शेयरों में शुरुआती गिरावट देखने को मिली। हालांकि बाद में कुछ सुधार हुआ। न्यूयॉर्क बाजार में कंपनी के शेयर करीब 1.7 प्रतिशत तक नीचे कारोबार करते दिखे।
गूगल के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट फॉर नॉलेज एंड इंफॉर्मेशन Nick Fox ने एक इंटरव्यू में कहा कि कंपनी अब भी दुनिया भर के अरबों लोगों तक सर्च की सुविधा पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि गूगल चाहता है कि लोग बिना किसी तकनीकी परेशानी के अपने मन में आने वाला कोई भी सवाल सीधे सर्च बॉक्स में लिख सकें और उन्हें आसानी से जवाब मिल जाए। कंपनी सर्च को ज्यादा प्राकृतिक और आसान बनाने की दिशा में काम कर रही है।
गूगल ने अपने नए AI मॉडल “Gemini Omni” की भी घोषणा की है। कंपनी के मुताबिक यह मॉडल किसी भी इनपुट से नया कंटेंट तैयार कर सकता है। यानी यूजर टेक्स्ट, फोटो, ऑडियो या वीडियो के जरिए नया वीडियो बना सकेंगे।
इतना ही नहीं, Gemini Omni साधारण बातचीत जैसी भाषा समझकर वीडियो एडिट भी कर सकेगा। भविष्य में इसमें इमेज और ऑडियो जनरेशन जैसी सुविधाएं भी जोड़ी जाएंगी।
AI इंडस्ट्री के जानकारों का मानना है कि इससे कंटेंट क्रिएशन इंडस्ट्री में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। वीडियो एडिटिंग और प्रोडक्शन का काम पहले से काफी आसान हो सकता है।
AI से तैयार होने वाले फर्जी वीडियो और तस्वीरों को लेकर बढ़ती चिंता के बीच गूगल ने Deepfake कंटेंट की पहचान को और मजबूत करने का फैसला किया है।
कंपनी के CEO Sundar Pichai ने एक कार्यक्रम के दौरान अपनी एक AI जनरेटेड तस्वीर दिखाई, जिसमें वह Sam Altman और Elon Musk के साथ खाना खाते नजर आ रहे थे। इस तस्वीर पर मजाकिया अंदाज में उन्होंने कहा, “यह साफ तौर पर नकली है। मैं हैमबर्गर नहीं खाता।”
गूगल का कहना है कि आने वाले समय में AI से बने कंटेंट पर ज्यादा स्पष्ट लेबल लगाए जाएंगे, ताकि लोग असली और नकली सामग्री में फर्क समझ सकें।
गूगल ने अपने Gemini ऐप को भी बड़े स्तर पर अपडेट किया है। कंपनी अब इसे केवल सवालों के जवाब देने वाला AI टूल नहीं, बल्कि एक पर्सनल AI पार्टनर के रूप में पेश करना चाहती है।
पेड सब्सक्राइबर्स के लिए “Daily Brief” फीचर शुरू किया गया है। इसके जरिए यूजर्स को हर सुबह उनके दिनभर के काम, अपडेट और जरूरी जानकारी का पर्सनलाइज्ड सार मिलेगा।
इसके अलावा अगले हफ्ते से सब्सक्राइबर्स को “Gemini Spark” नाम का नया AI असिस्टेंट भी मिलेगा।
गूगल में वाइस प्रेसिडेंट Josh Woodward ने कहा कि Spark, Gemini के लिए बड़ा बदलाव साबित होगा। उनके मुताबिक अब AI सिर्फ सवालों का जवाब नहीं देगा, बल्कि यूजर के निर्देश पर काम भी करेगा।
गूगल ने अपने सर्च बॉक्स के डिजाइन में भी बड़ा बदलाव किया है। कंपनी का कहना है कि यह पिछले 25 सालों में सर्च का सबसे बड़ा अपडेट है।
नया सर्च बॉक्स लंबी क्वेरी को बेहतर तरीके से संभाल सकेगा। यूजर्स अब आसानी से फोटो और फाइल अपलोड कर पाएंगे। साथ ही AI यूजर्स को बेहतर तरीके से सवाल तैयार करने में भी मदद करेगा।
कंपनी ने Gemini ऐप का डिजाइन भी बदला है। इसमें नए एनिमेशन, चमकीले रंग और हैप्टिक फीडबैक जैसे फीचर्स जोड़े गए हैं, ताकि यूजर एक्सपीरियंस ज्यादा इंटरैक्टिव महसूस हो।
टेक इंडस्ट्री में AI को लेकर बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच गूगल लगातार अपने प्लेटफॉर्म को अपग्रेड कर रहा है। खासकर OpenAI जैसी कंपनियों से मुकाबले के बीच गूगल अब AI को सीधे अपने सर्च और रोजमर्रा की सेवाओं का हिस्सा बना रहा है।