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Paytm Payments Services में चीन से FDI प्रवाह की जांच कर रही है सरकार

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PPSL ने नवंबर 2020 में भुगतान एग्रीगेटर के रूप में काम करने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के पास लाइसेंस के लिए आवेदन किया था।

Last Updated- February 11, 2024 | 6:28 PM IST
paytm
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सरकार वन97 कम्युनिकेशंस लिमिटेड की सहायक कंपनी पेटीएम पेमेंट्स सर्विसेज लिमिटेड (पीपीएसएल) में चीन से प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की जांच कर रही है।

पीपीएसएल ने नवंबर 2020 में भुगतान एग्रीगेटर के रूप में काम करने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के पास लाइसेंस के लिए आवेदन किया था। आरबीआई ने हालांकि नवंबर 2022 में पीपीएसएल के आवेदन को खारिज कर दिया और कंपनी को इसे फिर से जमा करने के लिए कहा, ताकि एफडीआई नियमों के तहत प्रेस नोट तीन का अनुपालन किया जा सके। वन97 कम्युनिकेशंस लिमिटेड (ओसीएल) में चीनी फर्म एंट ग्रुप कंपनी का निवेश है। इसके बाद, कंपनी ने एफडीआई दिशानिर्देशों के तहत निर्धारित प्रेस नोट तीन का अनुपालन करने के लिए ओसीएल से कंपनी में पिछले निवेश के लिए भारत सरकार के साथ 14 दिसंबर, 2022 को आवश्यक आवेदन दायर किया।

सूत्रों ने कहा कि एक अंतर-मंत्रालयी समिति पीपीएसएल में चीन से निवेश की जांच कर रही है और उचित विचार तथा व्यापक जांच के बाद एफडीआई मुद्दे पर निर्णय लिया जाएगा। प्रेस नोट तीन के तहत, सरकार ने भारत के साथ भूमि सीमा साझा करने वाले देशों से किसी भी क्षेत्र में विदेशी निवेश से पहले उसकी मंजूरी लेना अनिवार्य कर दिया था।

इस कदम का मकसद कोविड-19 महामारी के बाद घरेलू कंपनियों के अवसरवादी अधिग्रहण को रोकना था। पेटीएम के प्रवक्ता ने संपर्क करने पर कहा कि पीपीएसएल ने ऑनलाइन व्यापारियों के लिए एक ऑनलाइन भुगतान एग्रीगेटर (पीए) का आवेदन किया था। नियामक ने बाद में पीपीएसएल को पिछले निवेश के लिए आवश्यक मंजूरी लेने और आवेदन को फिर से जमा करने को कहा था।

प्रवक्ता ने कहा, ”भुगतान एग्रीगेटर लाइसेंस के लिए आवेदन करने वाले हर व्यक्ति को एफडीआई मंजूरी लेनी होती है, और यह नियमित प्रक्रिया का हिस्सा है।” प्रवक्ता ने कहा कि पीपीएसएल ने प्रासंगिक दिशानिर्देशों का पालन किया और निर्धारित समय के भीतर सभी जरूरी दस्तावेज नियामक को सौंप दिए।

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First Published - February 11, 2024 | 6:28 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

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