facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

ग्रैन्यूल्स ने ‘ग्रीन’ फार्मा जोन के लिए ग्रीनको के साथ समझौता किया

Advertisement
Last Updated- January 03, 2023 | 7:46 PM IST
Empagliflozin

हैदराबाद स्थित दवा निर्माता ग्रैन्यूल्स इंडिया ने आंध्र प्रदेश के काकीनाडा से शुरू होने वाले अपनी तरह के पहले एकीकृत ग्रीन फार्मास्युटिकल जोन (जीपीजेड) को विकसित करने के लिए ग्रीनको ग्रुप के साथ रणनीतिक साझेदारी की है।

कंपनी ने मंगलवार को एक बयान में कहा कि इसने ग्रीन मॉलिक्यूल सॉल्यूशंस और इसके फार्मास्युटिकल्स में व्यापक अनुप्रयोगों के लिए ग्रीनको जीरोसी के साथ अपनी रणनीतिक साझेदारी की है। साझेदारी के माध्यम से कंपनी का उद्देश्य स्थिरता और सर्कुलर अर्थव्यवस्था की पहल में नेतृत्व स्थापित करना और उद्योग में अग्रणी बनना है।

यह महत्वपूर्ण है क्योंकि फार्मास्युटिकल उद्योग आमतौर पर उच्च कार्बन उत्सर्जन वाले रसायनों का उपयोग करते हैं। और थोक दवा निर्माताओं को एक प्रदूषणकारी उद्योग माना जाता है। साझेदारी के एक भाग के रूप में, ग्रैन्यूल्स और ग्रीनको जीरोसी आंध्र प्रदेश के काकीनाडा में पहले सहयोग के साथ अत्याधुनिक एकीकृत ग्रीन फार्मास्युटिकल जोन (जीपीजेड) का विकास और प्रमोट करेंगे।

ग्रैन्यूल प्रमुख शुरुआती सामग्री (केएसएम), इंटरमीडिएट्स, एपीआई और किण्वन आधारित उत्पादों के बड़े पैमाने पर निर्माण के लिए स्थिरता सिद्धांतों के आधार पर एक ग्रीन फील्ड इकाई का निर्माण करेगा। 100 एकड़ में फैली इस इकाई को चरणबद्ध तरीके से चालू किया जाएगा।
परियोजना की अनुमानित लागत पांच वर्षों में लगभग 2,000 करोड़ रुपये होगी।

ग्रैन्यूल्स ग्रीनको जीरोसी द्वारा आपूर्ति की जाने वाली कार्बन मुक्त ऊर्जा और ग्रीन हाइड्रोजन डेरिवेटिव का उपयोग करेंगे जिनका उपयोग मधुमेह-रोधी दवाओं, पैरासिटामॉल आदि के लिए केएसएम बनाने के लिए किया जाता है। ग्रैन्यूल्स पेरासिटामॉल और मेटफॉर्मिन अणुओं के दुनिया के सबसे बड़े उत्पादकों में से एक है। ग्रीनको जीरोसी विभिन्न ग्रीन हाइड्रोजन और ऊर्जा परिवर्तन पहलों के लिए स्थापित मूल ग्रीनको एनर्जी होल्डिंग्स (जीईएच) की सहायक कंपनी है।

कंपनी ने कहा कि इस सहयोग के माध्यम से ग्रैन्यूल्स के दुनियाभर के विनिर्माण लोकेशन में वैकल्पिक कार्बन ऑफसेट उपकरणों का उपयोग किया जा सकता है। कंपनी के बयान में कहा गया है कि ग्रीनको जीरोसी कार्बन मुक्त ऊर्जा की आपूर्ति करेगी और अपने विभिन्न रासायनिक डेरिवेटिव्स के साथ ग्रीन हाइड्रोजन को सक्षम बनाएगी। ग्रैन्यूल्स कार्बन मुक्त ऊर्जा का उपयोग करके इस सुविधा में तीव्र ऊर्जा वाले किण्वन-आधारित उत्पादों का निर्माण भी करेंगे।

Advertisement
First Published - January 3, 2023 | 7:46 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement