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US टैरिफ से परेशान निर्यात सेक्टर, RBI सोच रहा है नया सपोर्ट प्लान

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अमेरिकी आयात शुल्क से निर्यात प्रभावित होने के बाद नए विकल्पों पर मंथन, पहले दिए गए ऋण स्थगन का कम इस्तेमाल हुआ था

Last Updated- January 09, 2026 | 8:50 AM IST
RBI Policy Meeting

भारतीय रिजर्व बैंक अमेरिकी शुल्कों से निर्यात प्रभावित होने के कारण राहत के नए कदमों पर विचार कर रहा है। इस मामले के जानकार दो सूत्रों के मुताबिक बीते साल ऋण स्थगन की सुविधा का कम प्रयोग किए जाने के बाद इस मुद्दे पर विचार किया जा रहा है।

अमेरिका ने भारत से आ रहे आयात पर 50 प्रतिशत शुल्क लगा दिया था। इसमें रूस से तेल खरीदने पर लगाया गया 25 प्रतिशत शुल्क भी शामिल था। अमेरिका के शुल्क लगाने से भारत का वस्त्र निर्माण, आभूषण, चमड़े से बनी वस्तुएं और रसायन क्षेत्र की कंपनियां प्रभावित हुईं।

अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने बीते सप्ताह रूस से तेल आयात करने की स्थिति में भारत पर शुल्क बढ़ाने की चेतावनी दी है। भारत और अमेरिका के बीच व्यापार वार्ताओं के लंबी खिंचने के कारण दबाव बढ़ गया है। इसलिए भारत ने रूस से तेल के आयात पर प्रतिबंध लगा दिया है।

भारतीय रिजर्व बैंक ने बीते साल अमेरिका के शुल्क लगाने के कारण कई राहत कदमों की घोषणा की थी। इसके तहत निर्यातकों को 1 सितंबर और 31 दिसंबर के बीच देय सावधि ऋणों के पुनर्भुगतान को स्थगित करने का अधिकार दिया, लेकिन पात्र निर्यातकों में से पांचवें से भी कम ने आवेदन किया। इससे केंद्रीय बैंक को निर्यातकों की मदद करने के अन्य तरीकों के बारे में सोचने के लिए प्रेरित होना पड़ा।

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First Published - January 9, 2026 | 8:50 AM IST

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