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BRAP: कारोबारी सुधार के मामले में मध्य प्रदेश ‘टॉप अचीवर’, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने किया ऐलान

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राज्यों को 25 पहलों के आधार पर अंक प्रदान किए गए। इनमें से 15 सुधार कारोबारों से तथा 10 नागरिकों से संबंधित थे। ये सभी कारोबारी और नागरिक सेवाओं में सुधार से संबंधित पहल थीं।

Last Updated- September 06, 2024 | 6:37 PM IST
BRAP: Madhya Pradesh 'top achiever' in terms of business reforms, Union Minister Piyush Goyal announced BRAP: कारोबारी सुधार के मामले में मध्य प्रदेश ‘टॉप अचीवर’, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने किया ऐलान
मध्य प्रदेश के औद्योगिक नीति एवं निवेश संवर्द्धन विकास के प्रमुख सचिव राघवेंद्र सिंह (बांए), केंद्रीय उद्योग मंत्री पीयूष गोयल से स्मृति चिह्न प्राप्त करते हुए।

मध्य प्रदेश को बिज़नेस रिफॉर्म्स एक्शन प्लान (BRAP) 2022 में कारोबारी सुधार करने वाले शीर्ष राज्यों में से एक घोषित करते हुए ‘टॉप अचीवर’ ठहराया गया है। यह घोषणा उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में की।

BRAP के तहत देश के राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों द्वारा अपनाए गए कारोबारी सुधारों का आकलन किया जाता है और पता लगाया जाता है कि उन्होंने कारोबारों और नागरिकों को क्या सुविधाएं प्रदान कीं। राज्यों को 25 पहलों के आधार पर अंक प्रदान किए गए। इनमें से 15 सुधार कारोबारों से तथा 10 नागरिकों से संबंधित थे। ये सभी कारोबारी और नागरिक सेवाओं में सुधार से संबंधित पहल थीं।

मध्य प्रदेश औद्योगिक विकास निगम प्रबंध निदेशक चंद्रमौलि शुक्ला ने कहा, ‘राज्य कारोबारी और नागरिक सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए अग्रसोची कदम उठा रहा है। यही वजह है कि हमन एक बार फिर कारोबारी सुगमता में देश के शीर्ष राज्यों में शुमार हुए हैं। टॉप अचीवर का सम्मान मिलना बताता है कि प्रदेश किस तरह लगातार बेहतरी की ओर बढ़ रहा है।’ उन्होंने कहा कि प्रदेश नागरिक और कारोबार संबंधी सेवाओं को लगातार सुसंगत बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रदेश ने कारोबारी मोर्चे पर अपनी स्थिति मजबूत बनाने के लिए कई पहलें की हैं।

अधिकारियों के मुताबिक कुछ प्रमुख पहल इस प्रकार हैं:

प्रदेश सरकार की एक नई पहल के तहत कारोबार के लिए जमीन आवंटन, श्रम संबंधी सेवाओं आदि की मंजूरी अब 30 दिन के भीतर मिल जाती है। नए उद्योगों को चुनिंदा नियामकीय दायित्वों से भी तीन साल की रियायत प्रदान की गई है ताकि वे वृद्धि की दिशा में सोच सकें।

एक पहल उद्योगों को जमीन आवंटन से संबंधित भी है जिसके चलते अधिग्रहण में लगने वाला समय कम हुआ है। कठिन अनुपालन को भी अब आसान बना दिया गया है जिससे कारोबारियों और नागरिकों दोनों को अनावश्यक दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़े।

शुक्ला ने कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव द्वारा परिकल्पित रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव का विचार प्रदेश के हर क्षेत्र की विशेषताओं को संभावित निवेशकों के सामने पेश कर रहा है। अभी तक उज्जैन, जबलपुर और ग्वालियर में कॉन्क्लेव हो चुकी हैं जबकि सागर और रीवा में होनी हैं। इन कॉन्क्लेव के जरिये प्रदेश सरकार प्रदेश के विभिन्न जिलों में निवेश और औद्योगिक विकास लाने की योजना पर काम कर रही है।

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First Published - September 6, 2024 | 6:12 PM IST

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