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अव्वल सीडीएमओ फर्मों में से एक बनने का इरादा

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Last Updated- December 28, 2022 | 11:58 PM IST
shaweta jaalan

जस्टी फैमिली के प्रवर्तकों से एडवेंट पीई 50.1 फीसदी हिस्सेदारी लेने को तैयार है और आम शेयरधारकों से 26 फीसदी और हिस्सेदारी के लिए वह खुली पेशकश लाएगी। एडवेंट के पूर्ण स्वामित्व वाली कोहेंस लाइफसाइंसेज का गठन नवंबर 2022 में अपने ब्रांड आईडेंटि​टी फॉर इट्स कॉन्ट्रैक्ट डेवलपमेंट ऐंड मैन्युफैक्चरिंग ऑर्गनाइजेशन (सीडीएमओ) व एपीआई प्लेटफॉर्म के लिए हुआ था। सोहिनी दास से बातचीत में एडवेंट इंटरनैशनल इन इंडिया की मैनेजिंग पार्टनर व प्रमुख श्वेता जालान ने सुवेन फार्मा व कोहेंस के बीच सिनर्जी को लेकर अपनी योजनाओं पर विस्तार से जानकारी दी। बातचीत के मुख्य अंश..

भारत में एडवेंट की स्वास्थ्य सेवा योजना में सुवेन फार्मा ​कैसे फिट बैठती है?

बाजार में अग्रणी स्थिति, इनोवेटर कस्टमर से राजस्व का उच्च हिस्सा और वृद्धि‍ के लिहाज से उद्योग के उम्दा वित्तीय प्रोफाइल को देखते हुए सुवेन फार्मा फिट बैठती है। कंपनी ने वित्त वर्ष 18 व वित्त वर्ष 22 के बीच 21 फीसदी की बढ़त दर्ज की। वित्त वर्ष 22 में एबिटा मार्जिन 44 फीसदी और ​नियोजित पूंजी पर रिटर्न 53 फीसदी था। कुल मिलाकर यह काफी उच्च गुण‍वत्ता वाली परिसंपत्ति है और डिलिवरी की बेहतर क्षमता है।

सुवेन फार्मा व कोहेंस के बीच साथ मिलकर काम करने से मिलने वाली कामयाबी को लेकर आपका क्या
नजरिया है?

अकेले सुवेन के पास हर क्षेत्र में बढ़त वाले कई इंजन और तीसरे चरण व दूसरे चरण के मॉलिक्यूल के मामले में काफी मजबूती है। लंबी अवधि के लिहाज से हमें मौजूदा लोगो के साथ गहरे संबंध बनाना, फार्मा इनोवेटर के लिए लाइफसाइकल डेवलपमेंट, नए ग्राहकों को जोड़ना और स्पेशिलिटी केमिकल में इजाफा करना है।

एडवेंट इंटरनैशनल कॉरपोरेशन के पूर्ण स्वामित्व वाली कोहेंस का गठन अपने एकीकृत सीडीएमओ व एपीआई प्लेटफॉर्म के लिए नई ब्रांड पहचान बनाने के लिए हुआ है। इसका प्रो-फार्मा राजस्व 1,280 करोड़ रुपये है। कोहेंस ने 25 फार्मा व स्पेशियलिटी केमिकल इनोवेटर के साथ संबंध बनाए हैं। कुल मिलाकर कोहेंस के पास भारत में सात विनिर्माण संयंत्र हैं जहां सुरक्षा, गुणवत्ता और नियामकीय अनुपालन पर ध्यान दिया जाता है।

इस सौदे के पीछे क्या तर्क है? क्या इस परिसंपत्ति के लिए कीमत सही है?

हमारा इरादा भारत की अग्रणी एक अरब डॉलर वाली विशाखित, ऐंड टु ऐंड सीडीएमओ, स्पेशियलिटी केमिकल्स और मर्चेंट एपीआई कंपनी बनने का है। बढ़त वाले कई इंजन हैं, जो सुवेन फार्मा की रफ्तार में इजाफा कर सकते हैं। इनमें पाइपलाइन का क्रियान्वयन, बिजनेस डेवलपमेंट टीम बनाना और स्पेशियलिटी केमिकल्स पोर्टफोलियो में बढ़ोतरी शामिल है। प्रोफेशनल टीम के साथ हम वृद्धि‍ को और रफ्तार दे सकते हैं। इसके अतिरिक्त, जुड़ाव से भारी-भरकम क्षमता तक पहुंच, नए इनोवेटर को क्रॉस सेलिंग, लाइफसाइकल मैनेजमेंट की क्षमता और परिचालन को लेकर मिलने वाला फायदा भी होगा। इससे नई सर्विस लाइन को बढ़ाने में भी मदद मिल सकती है।

भारत में स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र को लेकर परिदृश्य कैसा है?

भारत में निवेश के लिहाज से स्वास्थ्य सेवा काफी अच्छा क्षेत्र है। हमने पिछले तीन साल में भारत सीरम ऐंड वैक्सीन (बीएसवी), टीटीके हेल्थकेयर, आरए केम फार्मा, जेडसीएल केमिकल और अवरा लैब्स में निवेश किया है।

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First Published - December 28, 2022 | 11:57 PM IST

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