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मोहनदास पई की चेतावनी: AI में निवेश नहीं किया तो विदेशी कंपनियां छीन लेंगी बाजार

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पूर्व इन्फोसिस CFO मोहनदास पई ने कहा कि भारतीय कंपनियों को AI और R&D में बड़े निवेश की जरूरत है, वरना वैश्विक प्रतिस्पर्धा में नुकसान उठाना पड़ सकता है

Last Updated- June 12, 2026 | 8:12 AM IST
artificial intelligence

देश में भले ही आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (एआई) में निवेश बढ़ा दिया गया हो, लेकिन इन्फोसिस के पूर्व मुख्य वित्तीय अधिकारी और निवेशक मोहनदास पई का कहना है कि स्थापित और पुराने कारोबारों को इस उभरती हुई तकनीक में भारी निवेश करने की जरूरत है, वरना विदेशी कंपनियों के हाथों वे अपनी बढ़त गवां सकते हैं।

नई दिल्ली में इंडिया ग्लोबल इनोवेशन कनेक्ट के पांचवें संस्करण के एक सत्र में पई ने कहा, ‘हमें देश की ऐसी शीर्ष 10 कंपनियों की जरूरत है जो काम में बड़ा निवेश करें, क्योंकि मेरा मानना है कि एआई उनके कारोबारों के लिए खतरा बन सकती है। वे सभी चिंतित हैं तथा उन्हें और ज्यादा पैसा लगाने की जरूरत है। हमें नवाचार के लिए और ज्यादा पैसा देना होगा।’

देश में अनुसंधान और विकास (आरऐंडडी) पर निवेश के बारे में पई ने कहा कि हालांकि सरकार अपने सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का लगभग 0.7 प्रतिशत खर्च करती है, लेकिन यह खर्च बढ़ाकर लगभग 3 से 4 प्रतिशत किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि निजी क्षेत्र को भी आरऐंडी में अपना निवेश बढ़ाना चाहिए। पई ने कहा कि हालांकि दुनिया भर में बड़े स्तर पर कई हॉरिजॉन्टल एआई टूल और ऐप्लिकेशन मौजूद हैं, लेकिन वर्टिकल एआई देश के लिए एक बेहतर विकल्प साबित हो सकता है।

पई ने कहा, ‘टीसीएस, इन्फोसिस और दूसरी बड़ी कंपनियों को वर्टिकल एआई में निवेश करना होगा। हालांकि ये कंपनियां बड़े पैमाने पर एआई प्लेटफॉर्म बनाने में अरबों डॉलर लगा सकती हैं, लेकिन वे इस क्षेत्र में अमेरिका की बड़ी टेक कंपनियों के दबदबे का मुकाबला नहीं कर सकतीं।’

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First Published - June 12, 2026 | 8:12 AM IST

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