facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

सास प्रमुख फ्रेशवर्क्स ने 90 कर्मचारियों को निकाला

Advertisement
Last Updated- December 16, 2022 | 11:28 PM IST
campus layoff

नैसडैक में सूचीबद्ध सॉफ्टवेयर ऐज अ सर्विस प्रमुख कंपनी फ्रेशवर्क्स ने अपने दो फीसदी यानी 90 कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया है। कंपनी ने कहा कि उसने ऐसा व्यापार में वृद्धि के मद्देनजर किया है। कुल निकाले गए कर्मचारियों में से 60 कर्मचारी भारत से हैं। यह ऐलान ऐसे समय में हुआ है जब कई लीगल फर्में छंटनी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा चुकी हैं या तो दर्ज कराने वाली हैं। फर्मों का आरोप है कि कंपनियां भ्रामक बयान दे रही हैं।

कंपनी ने गुरुवार को जारी एक बयान में कहा कि व्यापार को बढ़ावा देने के लिए कंपनी ने संगठनात्मक रूप से बदलाव किया है, ताकि कंपनी के भीतर बेहतर योजना लागू की जा सके। कंपनी ने अधिक महत्वपूर्ण आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए उत्पाद, विपणन और बिक्री में कुछ मौजूदा भूमिकाओं में परिवर्तन किया है, और लगभग 2 फीसदी के कार्यबल को कम कर दिया है। फ्रेशवर्क्स ने व्यापक तौर पर कोई छंटनी नहीं की है। वर्तमान में कंपनी में कुल 5200 कर्मचारी काम करते हैं।

कंपनी के संस्थापक मुख्य कार्याधिकारी गिरीश मातृभूतम ने भी इसे कंपनी व्यापी छंटनी के बजाय इक संरचनात्मक बदलाव बताया। अपने कर्मचारियों को लिखे एक पत्र में, मातृभूतम ने कथित तौर पर कहा कि उसने अपने अधिकांश कर्मचारियों को बनाए रखा है और केवल लगभग 90 कर्मचारियों को हटा दिया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी ने कहा कि प्रभावित कर्मचारियों को दूसरी नौकरी पाने तक फ्रेशवर्क्स द्वारा सहायता प्रदान की जाती है।

अमेरिकी बाजार में मंदी के बाद, भारतीय सास कंपनियों ने हाल के दिनों में नौकरी में कटौती के साथ लागत में कटौती के कई उपाय अपनाए। चार्जबी, सेल्सफोर्स और जेंडेस्क सहित इस क्षेत्र की कई अन्य कंपनियों ने भी हाल ही में छंटनी की घोषणा की थी।

यह ऐसे समय में आया है जब भारत के सास कंपनियों के पोस्टर बॉय के खिलाफ शाल लॉ फर्म और स्कॉट + स्कॉट अटॉर्नीज ऐट लॉ द्वारा मुकदमा दायर कर आरोप लगाया गया है कि कंपनी भेदभाव के आधार पर छंटनी कर रही है। अमेरिका आधारित दोनों लॉ फर्मों ने आरोप लगाया है कि कंपनी ने बाजार में झूठे और भ्रामक बयान दिए।

Advertisement
First Published - December 16, 2022 | 7:25 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement