सम्मान कैपिटल ने मंगलवार को घोषणा की है कि वह इंटरनैशनल होल्डिंग कंपनी (आईएचसी) के 8,850 करोड़ रुपये के निवेश के बाद अपने को शुद्ध मॉर्गेज फाइनैंसिंग कंपनी से विविधीकृत गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनी (एनबीएफसी) में बदलने की योजना बना रही है। दरअसल, यूएई की आईएचसी कंपनी खुली पेशकश के बाद सम्मान कैपिटल की 63.3 प्रतिशत हिस्सेदारी अपने पास रखेगी। कंपनी का लक्ष्य वित्त वर्ष 2029 (वित्त वर्ष 29) तक प्रबंधन के तहत संपत्ति (एयूएम) के मामले में इस क्षेत्र की शीर्ष तीन कंपनियों में शामिल होना है।
सम्मान कैपिटल के एमडी व सीईओ गगन बंगा ने सुब्रत पांडा से बातचीत के दौरान भारी पूंजी निवेश के बाद कंपनी के भविष्य की योजनाओं और प्रमुख फोकस क्षेत्रों के बारे में बताया। पेश हैं प्रमुख अंश:
एनबीएफसी व्यवसाय मूल रूप से देनदारी प्रबंधन का व्यवसाय है। भारत में परिसंपत्ति के अवसर अपार हैं, लेकिन उस अवसर का लाभ कैसे उठाया जाए, यह देनदारियों के प्रबंधन पर निर्भर करता है। यही कारण है कि जब वृद्धि का सही समय आया तो हमने अपनी परिसंपत्तियों का विस्तार 10,000 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 1.30 लाख करो़ड़ रुपये कर दिया। जब परिस्थितियां बदलीं तो हम देश में अपनी संपत्तियां तेजी से बेचकर ऋण मुक्ति अभियान चलाने में सक्षम हुए हैं।
इससे हमारा ऋण लगभग 1 लाख करोड़ रुपये कम हो गया। हमें वैश्विक स्तर पर और भारत में वित्तीय सेवाओं में चल रहे समेकन का लाभ उठाने के लिए मूल कंपनी की आवश्यकता थी। हितधारकों में बड़ी संस्थाओं के प्रति प्रबल रुझान है। हम देनदारी प्रबंधन, पूंजी तक पहुंच और व्यापक पारिस्थितिकी तंत्र में मजबूत हैं। लिहाजा हमने एक ही उत्पाद या एक ही क्षेत्र तक सीमित न रहने का निर्णय लिया है। हम एक विशिष्ट आय वर्ग-निम्न से मध्यम आय वर्ग-पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं और व्यावसायिक रूप से उचित होने पर उनकी ऋण जरूरतों को पूरा करने का लक्ष्य रखते हैं।
गोल्ड लोन, बिजनेस लोन और पर्सनल लोन शायद बाजार में नए पेश किए जाने वाले तीन अपेक्षाकृत आसान उत्पाद हैं। हालांकि हम भौतिक वितरण पर भी काफी ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। ऐसे उत्पाद जो भौतिक वितरण-केंद्रित रणनीति के पूरक हों, साथ ही परिचालन दक्षता और नियंत्रण के लिए प्रौद्योगिकी का लाभ उठाएं, वे उपयुक्त होंगे। जब हम किसी उत्पाद को लॉन्च करने की अवस्था में पहुंचते हैं तो हमें यह आकलन करना होगा कि हम उपभोक्ता ऋण चक्र में कहां हैं, वह विशेष उत्पाद कैसा प्रदर्शन कर रहा है आदि। फिर वृद्धि का समय निर्धारित करना होगा।
हां, यह कम से कम अगले दो से तीन वर्षों के लिए बैलेंस शीट का 80 प्रतिशत से अधिक रहेगा। शायद 5-6 वर्षों के बाद ही यह बैलेंस शीट का 60% रह जाएगा। इसलिए यह हमारी रणनीति का बहुत प्रमुख हिस्सा बना रहेगा।