वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि आईडीबीआई बैंक के विनिवेश की प्रक्रिया जारी रहेगी। शुक्रवार को वित्त मंत्री का यह बयान उन खबरों के बाद आया कि बोलियां सरकार द्वारा निर्धारित आरक्षित मूल्य से कम रहने की वजह से केंद्र सरकार ने आईडीबीआई बैंक की प्रस्तावित बिक्री की योजना रद्द कर दी है। सीतारमण के बयान के बाद कारोबार के दौरान बैंक का शेयर 8 फीसदी तक उछल गया।
बाद में बैंक का शेयर 3.5 फीसदी बढ़कर 76.26 रुपये पर बंद हुआ। सरकार आईडीबीआई बैंक में अपनी 30.48 फीसदी और एलआईसी अपनी 30.24 फीसदी हिस्सेदारी बेचना चाह रही हैं।
इसके अलावा सीतारमण ने कहा कि वरिष्ठ बैंक अधिकारियों की एक समिति इस बात पर विचार कर रही है कि क्या बैंकों को तीसरे पक्ष के उत्पादों (थर्ड पार्टी प्रोडक्ट) की बिक्री के लिए एकाधिकार वितरण समझौते की अनुमति दी जाए या ओपन आर्किटेक्चर मॉडल अपनाया जाए। ओपन आर्किटेक्चर मॉडल के तहत वित्तीय संस्थानों को अपने और बाहरी (थर्ड पार्टी) उत्पाद और सेवाएं (जैसे म्युच्युअल फंड, बीमा) ग्राहकों को पेश करने की इजाजत होती है।
वित्त मंत्री के बयान के बाद शुक्रवार को एसबीआई लाइफ का शेयर दबाव में आ गया और यह 3.29 फीसदी गिरकर 1,767.30 रुपये पर बंद हुआ। एसबीआई लाइफ का जीवन बीमा पॉलिसियों की बिक्री के लिए देश के सबसे बड़े ऋणदाता यानी भारतीय स्टेट बैंक के साथ एकाधिकार समझौता है। सीतारमण ने कहा, ‘ये वे मुद्दे हैं जिन पर आईबीए अध्यक्ष की अगुआई वाली समिति बैठक करेगी और काम करेगी।’
सीतारमण ने एसबीआई के नए स्थानीय मुख्यालय के उद्घाटन समारोह में ये बातें कहीं। हाल ही में वित्तीय सेवा विभाग के सचिव एम नागराजू द्वारा बैंकों को अपनी बीमा सहायक कंपनियों के साथ एकाधिकार गठजोड़ से बचने और तटस्थ रहने के निर्देश दिए जाने की खबरों के बाद ओपन आर्किटेक्चर मॉडल का मुद्दा चर्चा में आया। बीमा कंपनियों में एसबीआई लाइफ का लगभग 60 फीसदी से अधिक कारोबार बैंक बीमा चैनल से आता है और इसमें एक बड़ा हिस्सा एसबीआई से आता है। वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि इस वर्ष के बजट में घोषित बैंकिंग पर उच्च-स्तरीय समिति इस बात की पड़ताल करेगी कि भारतीय बैंकों को 2047 की चुनौतियों का सामना करने के लिए किस प्रकार कदम बढ़ाने की जरूरत है।
इस उच्च-स्तरीय बैंकिंग समिति के कार्य क्षेत्र और सदस्यों की घोषणा अभी नहीं की गई है।
सीतारमण ने जोर दिया कि भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं और टैरिफ संबंधी चिंता के कारण वैश्विक बाजार में मौजूद अस्थिरता के बावजूद भारत की घरेलू खपत मजबूत है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि वृद्धि की गति बनाए रखने के लिए घरेलू विनिर्माण व कृषि सहित अर्थव्यवस्था के सभी क्षेत्रों में बैंकों से निरंतर समर्थन की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि भारतीय निर्यातकों को मौजूदा भू-राजनीतिक मुद्दों के कारण कुछ हद तक चुनौतियों का सामना जरूर करना पड़ा है मगर लेकिन वे अपने लिए नए बाजार खोजने में सक्षम रहे हैं।
सीतारमण ने एंथ्रोपिक के क्लॉड मिथोस सिस्टम को लेकर वैश्विक चिंताओं के बीच उन्नत आर्टिफिशल इंटेलिजेंस मॉडल से जुड़े उभरते साइबर सुरक्षा जोखिमों का आकलन करने के लिए बैंकों के प्रमुखों के साथ बैठककी। सीतारमण ने बैंकों को अपने आईटी सिस्टम पुख्ता करने, ग्राहक डेटा की सुरक्षा और वित्तीय संसाधनों की रक्षा के लिए सभी आवश्यक एहतियाती उपाय करने को कहा।