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Zomato के CEO दीपिंदर गोयल ने आरोपों को किया खारिज, कहा- हम अभी भी मजबूत, कर्मचारियों को मजबूर करने की बात बकवास

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जोमैटो के संस्थापक और सीईओ दीपिंदर गोयल ने कहा कि कंपनी न तो बाजार में पिछड़ रही है और न ही कर्मचारियों को जोमैटो से ऑर्डर करने के लिए मजबूर किया जा रहा है।

Last Updated- April 27, 2025 | 5:15 PM IST
Deepinder Goyal
जोमैटो के संस्थापक और सीईओ दीपिंदर गोयल | फोटो क्रेडिट: x/@deepigoyal

Zomato के संस्थापक और सीईओ Deepinder Goyal ने हाल ही में एक गुमनाम रेडिट पोस्ट पर अपनी प्रतिक्रिया दी है, जिसमें कंपनी के बारे में कई गंभीर आरोप लगाए गए थे। इस पोस्ट में दावा किया गया था कि जोमैटो, जिसे अब एटर्नल लिमिटेड के नाम से जाना जाता है, अपनी मार्केट हिस्सेदारी खो रही है और कंपनी में कामकाजी माहौल खराब हो गया है। गोयल ने इन दावों को पूरी तरह खारिज करते हुए इसे ‘बकवास’ करार दिया। उन्होंने कहा कि कंपनी न तो बाजार में पिछड़ रही है और न ही कर्मचारियों को जोमैटो से ऑर्डर करने के लिए मजबूर किया जा रहा है।

गोयल ने शनिवार को एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, “ये सारे दावे पूरी तरह गलत हैं। हमारी कंपनी में कर्मचारियों की पसंद की आजादी को बहुत महत्व दिया जाता है। इन अफवाहों पर सफाई देना भी शर्मिंदगी भरा है, लेकिन कई लोगों ने चिंता जताई, इसलिए जवाब दे रहा हूं।” उन्होंने लोगों की चिंता के लिए उनका आभार भी जताया। रेडिट पोस्ट में दावा किया गया था कि जोमैटो को जेप्टो कैफे और स्विगी से कड़ी टक्कर मिल रही है, जिसके चलते कंपनी में घबराहट का माहौल है। पोस्ट में यह भी कहा गया था कि कर्मचारियों को महीने में कम से कम सात बार जोमैटो से ऑर्डर करने का नियम बनाया गया है और प्रतिद्वंद्वी कंपनियों से ऑर्डर करने पर पाबंदी है।

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कंपनी ने दी सफाई, नेतृत्व में कोई बड़ा बदलाव नहीं

रेडिट पोस्ट में यह भी आरोप लगाया गया था कि जोमैटो के फूड डिलीवरी कारोबार के सीईओ राकेश रंजन को उनकी भूमिका से हटा दिया गया है। हालांकि, एटर्नल लिमिटेड ने गुरुवार को एक नियामकीय फाइलिंग के जरिए स्पष्ट किया कि रंजन ने इस्तीफा नहीं दिया है और वह अब भी कंपनी के नेतृत्व का हिस्सा हैं। कंपनी ने कहा, “नेतृत्व में समय-समय पर बदलाव हमारी ऑर्गेनाइजेशन कैपिसिटी को बढ़ाने की सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा हैं।” इसके अलावा, पोस्ट में दावा किया गया था कि कंपनी की आय का मुख्य स्रोत अब केवल प्लेटफॉर्म फीस है और डिलीवरी पार्टनर्स को कम वेतन और ज्यादा काम के कारण कई लोग नौकरी छोड़ रहे हैं या दूसरी कंपनियों में जा रहे हैं। 

एटर्नल ने यह भी बताया कि इस महीने की शुरुआत में कंपनी ने अपना नाम आधिकारिक तौर पर जोमैटो से बदलकर एटर्नल लिमिटेड कर लिया है, लेकिन फूड डिलीवरी कारोबार का ब्रांड नाम और ऐप जोमैटो ही रहेगा। कंपनी का कहना है कि वह मजबूत स्थिति में है और भविष्य में भी स्थिरता के साथ आगे बढ़ेगी।

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First Published - April 27, 2025 | 5:15 PM IST

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