facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

Rapido ने 20 लाख ड्राइवरों के साथ Ola-Uber को दी कड़ी टक्कर, अब 500 शहरों तक विस्तार की तैयारी

Advertisement

Rapido ने ड्राइवरों के लिए सब्सक्रिप्शन मॉडल अपनाकर Ola-उबर को दी टक्कर, 20 लाख ड्राइवर जुड़े, अब 500 शहरों में टैक्सी और बाइक सर्विस विस्तार की योजना।

Last Updated- June 15, 2025 | 10:18 PM IST
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

पिछले साल यूनिकॉर्न क्लब में शामिल हुई बेंगलूरु की स्टार्टअप रैपिडो ने विभिन्न वाहन श्रेणियों में ड्राइवरों के लिए कमीशन वाले प्रारूप के बजाय सदस्यता वाला प्रारूप अपनाकर मोबिलिटी कारोबार में हलचल पैदा कर दी है। उसने हाल में टैक्सियां भी जोड़ीं हैं जिससे प्रतिस्प​र्धियों ओला और उबर को भी ऐसा करने के लिए मजबूर होना पड़ा। रैपिडो के सह-संस्थापक पवन गुंटुपल्ली और अरविंद सांका ने बेंगलूरु में सुरजीत दास गुप्ता के साथ बातचीत में बड़े बाजार वाली मोबिलिटी कंपनी बनने, वस्तु और सेवा कर (जीएसटी) तथा मौजूदा नियामकीय चुनौतियों और सरकार की इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) पहल के बारे में चर्चा की। प्रमुख अंश …

आपने 18 महीने पहले कमीशन पर आधारित मॉडल को बदलते हुए ड्राइवरों के लिए सदस्यता वाला मॉडल शुरू किया था। इसका क्या असर हुआ है, खास तौर पर जब उबर और ओला ने भी इसका अनुसरण कर लिया है?

हमने दिसंबर 2023 में नया प्रारूप शुरू किया था। बेंगलूरु में नम्मा यात्री पहले से ही कारों के लिए इस मॉडल का परीक्षण कर रही थी। इस प्रारूप से पहले हमारे प्लैटफॉर्म पर लगभग 7,00,000 ड्राइवर थे। आज 20 लाख सक्रिय ड्राइवर हैं जो हर महीने हमारे प्लैटफॉर्म के जरिए कमाई कर रहे हैं। लिहाजा, हम देश में गिग वर्कर के सबसे बड़े नियोक्ता बन गए हैं।

ड्राइवरों के लिए इस प्रारूप का क्या महत्त्व है? जाहिर है, इससे आपका राजस्व प्रभावित होता है। आप इसकी भरपाई कैसे करते हैं?

20 प्रतिशत कमीशन वाली प्रणाली की तुलना में प्लैटफॉर्म के राजस्व में लगभग 90 प्र​तिशत तक की गिरावट आई है। ड्राइवर अब औसतन प्रतिदिन 20 रुपये का भुगतान करते हैं और वह भी केवल तभी जब वे वास्तव में कोई राइड लेते हैं, न कि केवल ऑनलाइन रहने पर। यह उनकी आय का लगभग 2 प्रतिशत है जबकि पहले 20 प्रतिशत था। अ​धि​क कमीशन ड्राइवरों के ऑनलाइन आने में बड़ी बाधा था। हम कारोबार बढ़ाकर और वृद्धि के जरिये इसकी भरपाई करेंगे, जो पहले से ही दमदार है। साथ ही ज्यादा शहरों में विस्तार करेंगे और प्लैटफॉर्म पर कारों को जोड़ेंगे। 

बाइक टैक्सियों से लेकर ऑटो, कार मोबिलिटी तक विभिन्न प्लैटफॉर्म पर आपकी क्या बड़ी योजनाएं हैं?

हम वर्तमान में टैक्सियों के साथ 35 से अधिक शहरों में हैं और हमारा इरादा हर जिला मुख्यालय में मौजूदगी का है। भारत में 25 लाख कैब में से केवल 5,00,000 ही ऑनलाइन हैं। हम उन सभी को प्लैटफॉर्म पर लाना चाहते हैं। वर्तमान में हमारे पास 3,00,000 कैब हैं और इनमें से 15 प्रतिशत पहली बार ऑनलाइन हैं। बाइक टैक्सियों के मामले में हम पहले से ही 250 शहरों में हैं और साल 2025 के अंत तक 500 शहरों में मौजूदगी का इरादा है। 

क्या आपके पास इस विस्तार के लिए पर्याप्त पूंजी है?

हां, हमारे पास पर्याप्त पूंजी है। पिछले छह से आठ महीने में हम 20 करोड़ डॉलर से ज्यादा की रकम जुटा चुके हैं, जो 500 शहरों तक पहुंचने और कैब कारोबार का विस्तार करने के लिए पर्याप्त है।

Advertisement
First Published - June 15, 2025 | 10:18 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement