दवा कंपनी सन फार्मास्युटिकल इंडस्ट्रीज लिमिटेड का एकीकृत शुद्ध लाभ वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में 26.2 प्रतिशत बढ़कर 2,714.03 करोड़ रुपये रहा। कंपनी का वित्त वर्ष 2024-25 की चौथी (जनवरी-मार्च) तिमाही में शुद्ध मुनाफा 2,149.88 करोड़ रुपये था। सन फार्मास्युटिकल इंडस्ट्रीज ने शुक्रवार को शेयर बाजार को दी सूचना में बताया कि समीक्षाधीन तिमाही में परिचालन आय 14,611.79 करोड़ रुपये रही जो एक वर्ष पहले इसी अवधि में 12,958.84 करोड़ रुपये थी। कुल खर्च 9,955.68 करोड़ रुपये से बढ़कर 11,518.95 करोड़ रुपये हो गया।
सन फार्मा के निदेशक मंडल ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए प्रति शेयर 5 रुपये के अंतिम लाभांश का प्रस्ताव दिया है। यह वित्त वर्ष 2025-26 में पहले दिए गए 11 रुपये प्रति शेयर के अंतरिम लाभांश के अतिरिक्त है। इससे कुल लाभांश 2024-25 के बराबर 16 रुपये प्रति शेयर बैठता है। पूरे वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का शुद्ध लाभ 11,479.42 करोड़ रुपये रहा जो वित्त वर्ष 2024-25 में 10,929.04 करोड़ रुपये था। परिचालन आय 52,578.44 करोड़ रुपये से बढ़कर 58,462.04 करोड़ रुपये हो गई।
दवा कंपनी टॉरंट फार्मास्युटिकल्स लिमिटेड का वित्त वर्ष 2025-26 की जनवरी-मार्च तिमाही में शुद्ध लाभ 27 प्रतिशत घटकर 364 करोड़ रुपये रहा। कंपनी ने वित्त वर्ष 2024-25 की समान तिमाही में 498 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया था। टॉरंट फार्मास्युटिकल्स ने शुक्रवार को शेयर बाजार को दी सूचना में कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में कुल परिचालन आय बढ़कर 4,197 करोड़ रुपये रही, जो 2024-25 की समान तिमाही मे 2,959 करोड़ रुपये थी। समीक्षाधीन तिमाही में कंपनी को असाधारण मदों पर 66 करोड़ रुपये का व्यय करना पड़ा।
कंपनी के निदेशक मंडल ने 5 रुपये अंकित मूल्य वाले प्रत्येक शेयर पर 9 रुपये के अंतिम लाभांश की सिफारिश की है। पूरे वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का शुद्ध लाभ बढ़कर 2,138 करोड़ रुपये हो गया, जो वित्त वर्ष 2024-25 में 1,911 करोड़ रुपये था। समीक्षाधीन वित्त वर्ष में कंपनी की आय 13,980 करोड़ रुपये रही, जबकि वित्त वर्ष 2024-25 में यह 11,516 करोड़ रुपये थी।
कोलगेट-पामोलिव इंडिया का शुद्ध लाभ मार्च में समाप्त तिमाही के दौरान 353.3 करोड़ रुपये पर लगभग सपाट रहा। ऐसा मुख्य रूप से जीएसटी सुधार से संबंधित उलट शुल्क ढांचे के कारण हुए शुल्क, समीक्षाधीन और आधार तिमाही में आयकर रिफंड पर ब्याज से संबंधित क्रेडिट तथा संगठनात्मक पुनर्गठन की लागत के कारण हुआ। एकमुश्त और असाधारण मदों को छोड़कर तिमाही के दौरान इसका शुद्ध मुनाफा 9 प्रतिशत बढ़ा।
ओरल केयर क्षेत्र की इस दिग्गज कंपनी का राजस्व बढ़कर 1,595.4 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जो पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 9.1 प्रतिशत अधिक रहा। कंपनी का कहना है कि यह वृद्धि उसके मुख्य और प्रीमियम पोर्टफोलियो में व्यापक आधार पर रफ्तार बनाए रखने तथा मूल्य निर्धारण और बिक्री के बीच संतुलन के कारण हुई है।
अपनी आय की विज्ञप्ति में कोलगेट पामोलिव (इंडिया) की प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्य अधिकारी प्रभा नरसिम्हन ने कहा, ‘अहम बात यह है कि रणनीतिक प्रीमियम कारोबारों में हमारे तीव्र निवेश उत्कृष्ट परिणाम दे रहे हैं, जो कंपनी की समूची वृद्धि से 3 गुना अधिक वृद्धि प्रदान है।’
रिलायंस पावर ने जनवरी-मार्च तिमाही में 494 करोड़ रुपये का एकीकृत शुद्ध घाटा दर्ज किया है। कंपनी ने पिछले वर्ष की समान तिमाही में 125.57 करोड़ रुपये का एकीकृत शुद्ध लाभ दर्ज किया था। रिलायंस पावर ने शेयर बाजार को दी सूचना में बताया कि समीक्षाधीन तिमाही में कुल आय घटकर 1,946.33 करोड़ रुपये रह गई, जो पिछले वर्ष की समान अवधि में 2,065.64 करोड़ रुपये थी। कंपनी को वित्त वर्ष 2025-26 में 336.89 करोड़ रुपये का घाटा हुआ जबकि 2024-25 में इसने 2,947.83 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया था।
वहीं कुल आय 8,257.04 करोड़ रुपये से घटकर 7,988.52 करोड़ रुपये रह गई। कंपनी के निदेशक मंडल ने पात्र संस्थागत खरीदारों को शेयर व उससे जुड़े साधनों और/या अन्य पात्र प्रतिभूतियों के निर्गम के माध्यम से 6,000 करोड़ रुपये तक जुटाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। यह पात्र संस्थागत नियोजन (क्यूआईपी) और/या अनुवर्ती सार्वजनिक प्रस्ताव या दोनों के संयोजन के जरिये किया जाएगा।
प्रेस्टीज एस्टेट्स प्रोजेक्ट्स लिमिटेड का जनवरी-मार्च तिमाही में एकीकृत शुद्ध लाभ 10 गुना होकर 250.1 करोड़ रुपये रहा। कंपनी का शुद्ध लाभ पिछले वर्ष की समान अवधि में 25 करोड़ रुपये था। प्रेस्टीज एस्टेट्स प्रोजेक्ट्स ने शेयर बाजार को दी सूचना में बताया कि जनवरी-मार्च तिमाही में कुल आय भी दोगुने से अधिक होकर 4,143.5 करोड़ रुपये हो गई, जो पिछले वर्ष की समान अवधि में 1,589.3 करोड़ रुपये थी।
गत वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का शुद्ध लाभ दो गुना से अधिक होकर 1,195.5 करोड़ रुपये रहा जो 2024-25 में 467.5 करोड़ रुपये था। कुल आय 7,735.5 करोड़ रुपये से बढ़कर 13,195.5 करोड़ रुपये हो गई।
विनिर्माण क्षेत्र की कंपनी इरकॉन इंटरनैशनल लिमिटेड (इरकॉन) का वित्त वर्ष 2025-26 की जनवरी-मार्च तिमाही में शुद्ध लाभ 9.5 प्रतिशत घटकर 191.46 करोड़ रुपये रहा। कंपनी ने वित्त वर्ष 2024-25 की समान तिमाही में 211.78 करोड़ रुपये का एकीकृत शुद्ध लाभ कमाया था।
इरकॉन इंटरनैशनल लिमिटेड ने शेयर बाजार को दी सूचना में कहा कि समीक्षाधीन तिमाही में कंपनी की एकीकृत आय घटकर 3,291.19 करोड़ रुपये रह गई, जो 2024-25 की समान तिमाही में 3,515.25 करोड़ रुपये थी। कंपनी के निदेशक मंडल ने 2025-26 वित्त वर्ष के लिए 0.70 रुपये प्रति इक्विटी शेयर के अंतिम लाभांश की सिफारिश की है। हालांकि, यह वार्षिक आम बैठक (एजीएम) शेयरधारकों की मंजूरी पर निर्भर है।
जॉकी व स्पीडो की लाइसेंसधारी पेज इंडस्ट्रीज लिमिटेड का वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में शुद्ध लाभ में सालाना आधार पर नौ प्रतिशत बढ़कर 178.73 करोड़ रुपये हो गया। कंपनी का 2024-25 की चौथी तिमाही में मुनाफा 164 करोड़ रुपये रहा था। पेज इंडस्ट्रीज ने बताया कि समीक्षाधीन अवधि में परिचालन आय 14 प्रतिशत बढ़कर 1,252.6 करोड़ रुपये हो गई जो पिछले वर्ष की समान अवधि में 1,098.07 करोड़ रुपये थी। कंपनी की बिक्री मात्रा सालाना आधार पर 10.8 प्रतिशत बढ़कर 5.45 करोड़ इकाइयों के बराबर रही।
प्रबंध निदेशक वीएस गणेश ने कहा, ‘सकारात्मक उपभोक्ता भावनाओं, खुदरा के निरंतर आधुनिकीकरण एवं मजबूत अर्थव्यवस्था के साथ, हमें वृद्धि की गति बनाए रखने का भरोसा है।’ उन्होंने कहा कि हालांकि प्रमुख कच्चे माल विशेषकर कपास की लागत पर महंगाई का दबाव बना हुआ है।