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10-15 रुपये तक पहुंच सकता है Swiggy, Zomato का प्लेटफॉर्म शुल्क

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प्लेटफॉर्म शुल्क में 20% वृद्धि के बाद रेस्तरां मालिकों ने कमीशन कम करने का प्रस्ताव रखा, एनआरएआई ने की अपील

Last Updated- July 17, 2024 | 11:45 PM IST
Swiggy Zomato Delivery Partners Strike

फूड एग्रीगेटर प्लेटफॉर्म स्विगी और जोमैटो पर सूचीबद्ध कई रेस्तरां का मानना है कि इन कंपनियों द्वारा प्लेटफॉर्म शुल्क में की गई हालिया बढ़ोतरी आगे भी जारी रहने वाली है। कई लोगों का मानना है कि निकट भविष्य में यह शुल्क 10 रुपये से लेकर 15 रुपये तक बढ़ने के आसार हैं और इसलिए उन्होंने इन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म द्वारा लिए जाने वाले अधिक कमीशन में कटौती की मांग की है। स्विगी और जोमैटो ने इस सप्ताह की शुरुआत में मार्जिन बढ़ाने के लिए अपना प्लेटफॉर्म शुल्क 20 प्रतिशत तक बढ़ा दिया था।

नैशनल रेस्तरां एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एनआरAI) के उपाध्यक्ष प्रणव रूंगटा, जो क्लाउड किचन श्रृंखला करी मी अप और चाउ मी अप के भी मालिक हैं, ने कहा ‘वैश्विक बाजार की जो स्थिति है, उसकी तर्ज पर प्लेटफॉर्म शुल्क आगे निश्चित रूप से और बढ़ने वाला है। ब्रिटेन जैसे बाजारों में कंपनियां 10 प्रतिशत तक का सुविधा शुल्क लेती हैं। अगर भोजन सीधे उपभोक्ताओं तक डिलिवर किया जा रहा है, तो उन्हें डिलिवरी का खर्च उठाना चाहिए।’

रूंगटा ने कहा ‘रेस्तरां संगठन के प्रतिनिधि के रूप में हम चाहेंगे कि वे (स्विगी/जोमैटो) प्लेटफॉर्म शुल्क बढ़ाएं और हमारा कमीशन कम कर दें। फूड डिलिवरी अब परिपक्व बाजार है। वैसे भी अब वे डिलिवरी के लिए 50 से 60 रुपये वसूल रहे हैं।

अगर वे प्लेटफॉर्म शुल्क के रूप में पांच से 10 रुपये और लेते हैं और हमारा कमीशन कम करते हैं, तो यह बाजार का उचित और सही समाधान होगा। स्विगी और जोमैटो रेस्तरां से 22 से 35 प्रतिशत का कमीशन लेते हैं, जो पिछले दो साल से बहस का विषय रहा है।

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First Published - July 17, 2024 | 11:27 PM IST

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