facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

आईफोन पार्ट्स बनाने वाली टाटा यूनिट पर जांच की आंच, कंपनी ने कहा- हम नियमों के दायरे में

Advertisement

तमिलनाडु प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने कथित अपशिष्ट जल मामले में कारण बताओ नोटिस जारी किया

Last Updated- June 15, 2026 | 8:09 AM IST
Tata Electronics

टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स का कहना है कि उसकी आईफोन कंपोनेंट फैक्टरी सभी नियमों का पालन कर रही है। तमिलनाडु प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने फैक्टरी को अपने पास की कृषि भूमि में कथित रूप से अपशिष्ट पानी छोड़े जाने के संबंध में कारण बताओ नोटिस जारी किया था।

इस बारे में टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के प्रवक्ता ने कहा, ‘टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स जिम्मेदार व्यावसायिक तरीकों और स्थानीय समुदायों और पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से सूचना मिलते ही हमने एक मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला के माध्यम से स्वतंत्र जांच कराई। उसमें यह पाया गया कि हम सभी नियामक मानदंडों का पूर्णतः अनुपालन कर रहे हैं। हमने समय पर बोर्ड को अपना जवाब दे दिया है।’

फैक्टरी को चेतावनी दी गई थी कि संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं मिलने पर यूनिट को बंद करने का नोटिस जारी किया जा सकता है और बिजली आपूर्ति बंद करने जैसे अन्य उपायों पर भी विचार किया जा सकता है। कंपनी को नोटिस प्राप्त होने की तिथि से 15 दिन के भीतर जवाब देने का समय दिया गया था। नोटिस 15 मई को जारी किया गया था।

यह फैक्टरी तमिलनाडु के कृष्णागिरि जिले के अय्यारनपल्ली गांव में स्थित है। फैक्टरी से सटी कृषि भूमि के मालिक ने कई बार शिकायत की कि कारखाने से दूषित जल पास के तालाब और उससे सटी खुली भूमि की ओर जाने वाले खुले नाले में छोड़ा जा रहा है। प्रदूषण नियामक ने दिसंबर 2025 से मई 2026 के बीच कई निरीक्षण किए।

शिकायत में यह आरोप भी लगाया गया था कि संयंत्र परिसर के भीतर एक तालाब जैसी संरचना में दूषित जल का भंडारण किया जा रहा था, जिससे आसपास के कृषि क्षेत्र प्रभावित हो रहे थे और कुओं का पानी दूषित हो रहा था। नोटिस के अनुसार निरीक्षण और परीक्षणों में पाया गया कि टाटा संयंत्र अपने संयंत्र के भीतर स्थित वर्षा जल संचयन तालाब में दूषित जल छोड़ रहा था, जो ओवरफ्लो होकर आसपास की कृषि भूमि में स्थित खुले कुओं के भूजल को दूषित कर रहा था। नोटिस में कहा गया कि हालांकि पिछले साल 24 दिसंबर को बोर्ड ने सुधार की कार्रवाई का सुझाव दिया था, लेकिन टाटा ने कथित तौर पर इस संबंध में कोई कदम नहीं उठाया।

Advertisement
First Published - June 15, 2026 | 8:09 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement