टाटा मोटर्स के कमर्शियल व्हीकल (CV) बिजनेस के लिए आने वाले दिन बेहद अहम होने वाले हैं। पैसेंजर व्हीकल बिजनेस से अलग होने (डीमर्जर) के बाद अब कंपनी का कमर्शियल व्हीकल सेगमेंट ग्रोथ के एक बिल्कुल नए दौर में कदम रख रहा है। टाटा मोटर्स के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने कंपनी के नेशनल डीलर्स कॉन्फ्रेंस 2026 में इस बड़े बदलाव को लेकर अपनी बात रखी।
चंद्रशेखरन ने डीलर्स को भरोसा दिया कि इस डीमर्जर के बाद कमर्शियल और पैसेंजर, दोनों ही बिजनेस अपनी अलग रणनीति और रफ्तार के साथ आगे बढ़ सकेंगे। हालांकि, उन्होंने यह भी चेताया कि दुनिया भर में चल रही उथल-पुथल, बाजार के उतार-चढ़ाव और नए बदलाव आगे भी चुनौतियां खड़ी करते रहेंगे, लेकिन सही सोच और मजबूती के साथ कंपनी इनसे पार पा लेगी।
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टाटा मोटर्स का पूरा ध्यान अब भविष्य की तकनीकों पर है। चंद्रशेखरन के मुताबिक, कंपनी आने वाले समय में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, हाइड्रोजन से चलने वाली गाड़ियों, कनेक्टेड व्हीकल्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसी एडवांस तकनीकों पर सबसे ज्यादा फोकस करेगी। कंपनी इसके लिए रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) पर भारी निवेश करने की तैयारी में है।
टाटा मोटर्स के ग्लोबल प्लान का सबसे बड़ा हिस्सा आईवेको (Iveco) कंपनी के साथ होने वाली डील है। चेयरमैन ने बताया कि इस अधिग्रहण की प्रक्रिया वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही (Q2 FY27) तक पूरी होने की उम्मीद है, बशर्ते सभी रेगुलेटरी मंजूरियां मिल जाएं। इस डील के होते ही टाटा मोटर्स और आईवेको मिलकर दुनिया की टॉप चार कमर्शियल व्हीकल कंपनियों में शामिल हो सकते हैं। इससे टाटा को विदेशी बाजारों और एडवांस टेक्नोलॉजी तक सीधी पहुंच मिलेगी। आने वाले तीन-चार सालों में कंपनी हैवी ट्रक्स से लेकर बसों और डिजिटल बिजनेस के सहारे अपनी वैश्विक उपस्थिति को और बड़ा करने जा रही है।