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टाटा संस की लिस्टिंग से मजबूत होंगे ट्रस्ट्स और शेयरधारक: एसपी समूह का बयान

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SP ग्रुप ने आरबीआई पर पूरा भरोसा जताया और इसे एक संवैधानिक और स्वायत्त संस्था बताया जो न्याय, समानता और सार्वजनिक हित के सिद्धांतों से चलती है

Last Updated- October 11, 2025 | 9:31 AM IST
Tata Sons IPO a moral and social imperative, says Shapoorji Pallonji group
Representative Image

शापूरजी पलोनजी (SP) ग्रुप, जो टाटा संस में 18.4% हिस्सेदारी रखता है, ने कहा कि टाटा संस की लिस्टिंग पर अपना पुराना रुख दोहराना “समय पर और जरूरी” है। ग्रुप का कहना है कि यह रुख पारदर्शिता, निष्पक्षता, सार्वजनिक हित और अच्छे कॉरपोरेट गवर्नेंस के सिद्धांतों पर आधारित है।

SP ग्रुप ने आरबीआई पर पूरा भरोसा जताया और इसे एक संवैधानिक और स्वायत्त संस्था बताया जो न्याय, समानता और सार्वजनिक हित के सिद्धांतों से चलती है।

टाटा ट्रस्ट्स, जो टाटा संस की 66% हिस्सेदारी रखता है और देश का सबसे बड़ा सार्वजनिक चैरिटी संगठन है, को बोर्ड के फैसलों पर वीटो करने का व्यापक अधिकार है। खबरों के अनुसार, कुछ ट्रस्टियों टाटा संस की लिस्टिंग का समर्थन करते हैं, जबकि कुछ विरोध में हैं।

टाटा संस की लिस्टिंग से SP ग्रुप को अपनी हिस्सेदारी का हिस्सा बेचने और कर्ज़ की जिम्मेदारियों को पूरा करने में मदद मिल सकती है। ग्रुप ने यह भी कहा कि आरबीआई के नियमों के अनुसार, किसी एनबीएफसी को अपने निवेशकों के हितों के खिलाफ काम नहीं करना चाहिए।

एसपी समूह ने कहा कि टाटा संस के ‘ऊपरी स्तर’ श्रेणी के तहत 30 सितंबर, 2025 तक का अनुपालन समय सीमा नियामक जिम्मेदारियों के अनुरूप गंभीरता से देखा जाना चाहिए। समूह ने भरोसा जताया कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) हमेशा की तरह कानून और निष्पक्षता के अनुसार कदम उठाएगा।

समूह ने अपनी पुरानी स्थिति को दोहराते हुए कहा कि वह हमेशा टाटा संस के सार्वजनिक लिस्टिंग के पक्ष में रहा है। उन्होंने कहा, “हम मानते हैं कि इस प्रतिष्ठित संस्थान की लिस्टिंग न केवल इसके संस्थापक जमशेदजी टाटा के द्वारा स्थापित पारदर्शिता के सिद्धांत को कायम करेगी, बल्कि कर्मचारियों, निवेशकों और भारतवासियों के बीच विश्वास को भी मजबूत करेगी।”

एसपी समूह ने कहा कि उनकी यह सोच बहुत सरल विश्वास पर आधारित है: “पारदर्शिता ही विरासत और भविष्य दोनों के प्रति सच्चा सम्मान है।” उन्होंने जोर दिया कि टाटा संस का सार्वजनिक लिस्टिंग केवल वित्तीय कदम नहीं है, बल्कि यह एक नैतिक और सामाजिक आवश्यकता भी है।

समूह के बयान के अनुसार, पारदर्शी और सार्वजनिक रूप से जिम्मेदार टाटा संस से सूचीबद्ध टाटा कंपनियों के 1.2 करोड़ से अधिक शेयरधारकों के लिए बड़ा मूल्य खुल सकेगा। ये शेयरधारक टाटा संस के अप्रत्यक्ष हितधारक हैं और उन भारतीयों की आकांक्षाओं का प्रतिनिधित्व करते हैं जिन्होंने दशकों से टाटा नाम में ईमानदारी और राष्ट्रीय गर्व का विश्वास रखा है।

एसपी समूह ने यह भी कहा कि टाटा ट्रस्ट्स को भी इस लिस्टिंग से फायदा होगा। बयान में कहा गया, “पारदर्शी और सार्वजनिक रूप से जिम्मेदार टाटा संस से ट्रस्ट्स के लिए मजबूत और संतुलित लाभांश नीति सुनिश्चित होगी, जिससे नियमित वित्तीय आवक बनी रहेगी।”

SP ग्रुप ने कहा कि उनके दृष्टिकोण में टाटा परिवार के मूल आदर्शों से कोई टकराव नहीं है, बल्कि यह पूरी तरह उनके विचारों के अनुरूप है। समूह ने जोर देकर कहा कि टाटा ट्रस्ट और टाटा संस के साथ उनका संबंध पीढ़ियों पुराना है और यह आपसी सम्मान व साझा विरासत पर आधारित है।

ग्रुप ने कहा कि टाटा परिवार के संस्थापक जमशेदजी टाटा के आदर्शों के अनुसार उनके फंड गरीबों की भलाई, समुदायों के उत्थान और देश की सेवा में लगाए जा सकते हैं।

SP ग्रुप ने आगे कहा, “हम इन सिद्धांतों के प्रति अपने संकल्प के प्रति दृढ़ हैं — ताकि संस्थानों की स्थिरता बनी रहे, शेयरहोल्डर्स का हित सुरक्षित रहे और भारत के बड़े हित में काम हो।”

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First Published - October 11, 2025 | 9:30 AM IST

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