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बॉन्ड बाजार में फिर उतर सकती हैं टाटा ग्रुप की दो कंपनियां, जुटा सकती हैं 4,000 करोड़ रुपये

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हाल ही में भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने अपनी नीतिगत ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया। इसके बाद कॉरपोरेट बॉन्ड बाजार में कुछ राहत देखने को मिली है

Last Updated- June 10, 2026 | 9:12 AM IST
Tata

टाटा ग्रुप की दो बड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियां एक बार फिर बॉन्ड बाजार का रुख कर सकती हैं। बताया जा रहा है कि टाटा स्टील और टाटा प्रोजेक्ट्स 15 महीने से ज्यादा समय बाद कर्ज जुटाने के लिए बॉन्ड जारी करने की तैयारी कर रही हैं। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, टाटा स्टील 5 साल की अवधि वाले बॉन्ड जारी करके करीब 3,000 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही है। कंपनी के कुछ पुराने बॉन्ड अक्टूबर में मैच्योर होने वाले हैं, ऐसे में नए फंड जुटाने की जरूरत पड़ सकती है।

वहीं टाटा ग्रुप की रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी टाटा प्रोजेक्ट्स 500 करोड़ रुपये से 1,000 करोड़ रुपये के बीच रकम जुटाने पर विचार कर रही है। इसके लिए कंपनी 3 साल और 5 साल की अवधि वाले बॉन्ड जारी कर सकती है।

एक मर्चेंट बैंकर के मुताबिक, दोनों कंपनियों ने बाजार से पैसा जुटाने की तैयारी शुरू कर दी है। हालांकि वे अभी कुछ समय और इंतजार कर रही हैं ताकि बॉन्ड पर मिलने वाली ब्याज दरें और कम हो जाएं। इससे उन्हें सस्ता कर्ज मिल सकेगा।

आरबीआई के फैसले से मिला सहारा

हाल ही में भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने अपनी नीतिगत ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया। इसके बाद कॉरपोरेट बॉन्ड बाजार में कुछ राहत देखने को मिली है। आरबीआई की बैठक से पहले 2 से 5 साल की अवधि वाले एएए रेटिंग बॉन्ड की यील्ड 8 फीसदी से ऊपर पहुंच गई थी, जो 2019 के बाद सबसे ऊंचा स्तर था। लेकिन अब इसमें करीब 0.50 फीसदी की गिरावट आ चुकी है।

कंपनियों ने क्या कहा?

टाटा प्रोजेक्ट्स ने इस मामले पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। वहीं टाटा स्टील ने कहा है कि फिलहाल उसके पास बॉन्ड जारी करने की कोई तत्काल योजना नहीं है।

पहले कब जुटाया था पैसा?

टाटा स्टील ने फरवरी 2025 में आखिरी बार बॉन्ड बाजार से 3,000 करोड़ रुपये जुटाए थे। उस समय कंपनी ने 5 साल के बॉन्ड 7.65 फीसदी ब्याज दर पर जारी किए थे। दूसरी तरफ, टाटा प्रोजेक्ट्स ने भी फरवरी 2025 में 500 करोड़ रुपये के बॉन्ड जारी किए थे। इन बॉन्ड की अवधि 6 साल थी और इन पर 8.60 फीसदी की ब्याज दर दी गई थी।

अगर टाटा ग्रुप की ये कंपनियां फिर से बॉन्ड बाजार में उतरती हैं तो यह इस बात का संकेत होगा कि बड़ी कंपनियां अब ब्याज दरों में राहत का फायदा उठाकर सस्ते कर्ज के जरिए अपने कारोबार के लिए पूंजी जुटाने की तैयारी कर रही हैं। (रॉयटर्स के इनपुट के साथ)

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First Published - June 10, 2026 | 8:59 AM IST

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