टाइटन अपना निवेश जारी रखेगी, भले ही उसका यह मानना है कि अभी यह आकलन करना जल्दबाजी होगी कि सोने की खपत कम करने की प्रधानमंत्री की अपील और हाल में आयात शुल्क में हुई बढ़ोतरी का ग्राहकों की सोच और स्टोर में आने वाले लोगों की संख्या पर क्या असर पड़ेगा।
आभूषण और घड़ी निर्माता इस कंपनी को यह आकलन करने में कम से कम चार सप्ताह लगेंगे कि देश के घटते विदेशी भंडार को बचाने के लिए उठाए गए कदमों का आगे के कारोबार पर क्या असर पड़ा है। टाइटन के आभूषण व्यवसाय को ग्राहकों के मूड का एक पैमाना माना जाता है और यह अप्रैल और मई में मजबूत बना रहा। यह वह समय था जब प्रधानमंत्री ने अपना बयान दिया था और आयात शुल्क बढ़ाया गया था।
कंपनी के प्रबंध निदेशक अजय चावला ने पिछले सप्ताह बेंगलूरु में बिजनेस स्टैंडर्ड को दिए इंटरव्यू में बताया, ‘अगर ईंधन की कीमतें बढ़ती हैं, तो हमें पता चल जाता है। अभी इस बारे में कोई पक्का नतीजा निकालना थोड़ा मुश्किल है। लेकिन मुझे लगता है कि कम से कम चार से छह सप्ताह के आंकड़े हमें बेहतर अंदाजा देंगे। मैं मई का महीना निकलने दूंगा। जून के मध्य से लेकर आखिर तक, हमें बेहतर अंदाजा होगा।’
चावला ने स्वीकार किया कि पश्चिम एशिया में युद्ध उम्मीद से कहीं ज्यादा लंबा खिंच गया है और कंपनियां ईंधन की कीमतों में भारी बढ़ोतरी, सप्लाई चेन में रुकावटों और महंगाई से निपटने की तैयारियां कर रही हैं। अस्थिर वृहद आर्थिक हालात के बावजूद टाइटन अपने निवेश की गति धीमी नहीं करेगी।
टाइटन के प्रमुख आभूषण व्यवसाय को तनिष्क, मिया और कैरेटलेन जैसे ब्रांडों के लिए जाना जाता है। कंपनी के राजस्व में इन ब्रांडों का करीब 90 प्रतिशत योगदान है, जो 6 साल पहले करीब 82 फीसदी था। वित्त वर्ष 2026 में पिछले वर्ष की तुलना में कारोबार 48 प्रतिशत बढ़कर 79,660 करोड़ रुपये हो गया।
चावला ने कहा, ‘यह चौंकाने वाली बढ़ोतरी है, लगभग ‘असामान्य’ और ‘अभूतपूर्व विकास’, खासकर ऐसे समय में जब पिछले साल सोने की कीमतें नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई थीं। सिर्फ इसलिए कि सोने की कीमतें बढ़ रही हैं और जड़ाऊ गहनों की हिस्सेदारी कम हो रही है। इसका मतलब यह नहीं है कि हम खराब प्रदर्शन कर रहे हैं। इसका सीधा सा मतलब है कि कोई चीज इस विकास को बढ़ावा दे रही है और हम इस विकास को किसी भी रूप में स्वीकार करेंगे, क्योंकि इससे हमें रुपये के रूप में वैल्यू मिलती है।’
टाइटन के दो अन्य प्रमुख व्यवसाय वॉच और आईवियर हैं। ये व्यवसाय भी अच्छी गति से बढ़ रहे हैं। घड़ियों का सेगमेंट सोनाटा और फास्ट्रैक ब्रांडों के लिए जाना जाता है।