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UPI Payments : यूपीआई पर खाते से खाते में रकम भेजना रहेगा मुफ्त, नहीं लगेगा कोई चार्ज

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Last Updated- March 29, 2023 | 10:57 PM IST
Maldives President Muizzu takes “necessary steps” to launch UPI payment service मालदीव के राष्ट्रपति Muizzu ने UPI पेमेंट सर्विस शुरू करने के लिए उठाए ‘‘आवश्यक कदम’’

भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) ने साफ किया है कि यूनिफाइड पेमेंट् इंटरफेस (यूपीआई) पर होने वाले लगभग 99.9 प्रतिशत लेनदेन ग्राहकों और कारोबारियों के लिए मुफ्त ही रहेंगे। ये ऐसे लेनदेन हैं जो किसी बैंक खाते को यूपीआई समर्थित ऐप्लिकेशन से जोड़ कर किए जाते हैं। एनपीसीआई ने स्पष्ट किया कि खाते से खाते में होने वाले ये सभी लेनदेन ग्राहकों एवं कारोबारियों दोनों के लिए पूरी तरह निःशुल्क होंगे।

इससे पहले 24 मार्च को एनपीसीआई ने यूपीआई पर प्रीपेड इंस्ट्रूमेंट्स (पीपीआई) पर कारोबारी प्रतिष्ठानों द्वारा किए जाने वाले लेनदेन पर इंटरचेंज फीस लागू होने के संबंध में परिपत्र जारी किया था। यह परिपत्र आरबीआई की उस पहल के बाद आया था जिसमें उसने पीपीआई को अंतर-परिचालन यूपीआई तंत्र में शामिल किया जाना अनिवार्य कर दिया था।

इस निर्देश के बाद 1 अप्रैल से वॉलेटधारक किसी भी यूपीआई क्यूआर कोड के साथ कारोबारियों को भुगतान कर पाएंगे। इसके साथ ही यूपीआई प्लेटफॉर्म पर डिजिटल वॉलेट का अंतर-परिचालन का रास्ता साफ हो गया था। अगर ये लेनदेन 2,000 रुपये से अधिक मूल्य को होंगे तो इन पर 1.1 प्रतिशत इंटरचेंज फीस का भुगतान करना होगा।

इसके अलावा वॉलेट (प्रीपेड जारीकर्ता) में 2,000 रुपये से अधिक रकम डालने पर सेवा शुल्क के रूप में वॉलेट को रकम अंतरित करने वाले बैंक (खाताधारक के बैंक) को 15 आधार अंक का भुगतान करना होगा।

हालांकि, एनपीसीआई के परिपत्र में कहा गया है कि बैंक खाते और पीपीआई वॉलेट के बीच पीयर-टू-पीयर (पी2पी) और पी2पीएण (पीयर टू स्मॉल मर्चेंट) लेनदेन पर इंटरचेंज फीस भुगतान करने की आवश्यकता नहीं होगी। इससे ग्राहकों को उनके रोजमर्रा के लेनदेन के लिए एक और विकल्प मिल जाएगा।

एनपीसीआई ने कहा, ‘यूपीआई में यह खूबी जोड़े जाने के बाद ग्राहकों को यूपीआई समर्थत ऐप पर बैंक खाते, रूपे क्रेडिट कार्ड और प्रीपेड वॉलेट में कोई भी इस्तेमाल करने का विकल्प होगा।‘

पीडब्ल्यूसी इंडिया में पार्टनर ऐंड लीडर, पेमेंट ट्रांसफॉर्मेशन,  मिहिर गांधी का कहना है कि यह एक सही दिशा में उठाया गया कदम है। इस कदम से यूपीआई सेवा देने वाली इकाइयों को अपनी लागत वसूलने में मदद मिलेगी और इससे वे आवश्यकता पड़ने पर अधिक निवेश करने के लिए भी आगे आएंगी। उन्होंने कहा, ‘यूपीआई के माध्यम से पीपीआई के बीच अंतर-परिचालन से पीपीआई कई तरह के इस्तेमाल के लिहाज से अधिक आकर्षक हो जाएंगे और इससे डिजिटल माध्यम से होने वाले भुगतान की संख्या बढ जाएगी।‘

पेटीएम पेमेंट्स बैंक ने कहा कि इसके सभी वॉलेट धारक जहां यूपीआई से भुगतान लिए जाते हैं वहां किसी भी यूपीआई क्यूआर कोड और ऑनलाइन माध्यम से भुगतान लेने वाले किसी भी प्रतिष्ठान पर भुगतान कर पाएंगे। इस समय वॉलेट से जितने लेनदेन हो रहे हैं उनमें पेटीएम पेमेंट्स बैंक की हिस्सेदारी 60 प्रतिशत है।

इससे पेटीएम पेमेंट्स बैंक को यह फायदा होगा कि जब पेटीएम वॉलेट ग्राहक अन्य पेमेंट एग्रीगेटर या बैंकों से संबद्ध कारोबारी प्रतिष्ठानों को भुगतान करेंगे तो उसे 1.1 प्रतिशत इंटरचेंज फीस मिलेगी। पेटीएम पेमेंट्स बैंक भी यूपीआई के जरिये 2000 रुपये से अधिक जोड़ने पर 15 आधार अंक का भुगतान करेगा। अगर कोई वॉलेट पेटीएम पेमेंट्स बैंक का इस्तेमाल यूपीआई के जरिये 2,000 रुपये से अधिक वॉलेट में डालेगा तो उसे (पेटीएम पेमेंट्स बैंक) 15 आधार अंक का फायदा भी होगा।

सिटी की तरफ से जारी एक शोध पत्र में कहा गया है कि यूपीआई के साथ वॉलेट के अंतर-परिचालन के बाद वॉलेट की लोकप्रियता में इजाफा होगा।

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First Published - March 29, 2023 | 10:57 PM IST

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