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Vedanta Resources ने बॉन्ड जारी कर जुटाए $1.1 अरब, क्या अनिल अग्रवाल की कंपनी बनेगी कर्ज मुक्त?

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कंपनी ने यह रकम दो हिस्सों में जुटाई है।

Last Updated- January 15, 2025 | 5:16 PM IST
vedanta demerger

Vedanta Resources: अनिल अग्रवाल की कंपनी वेदांता रिसोर्सेज ने वित्तीय मजबूती की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने $1.1 अरब के नए बॉन्ड जारी किए हैं, जिससे वह अपने पुराने कर्ज चुकाने और अन्य वित्तीय जरूरतों को पूरा करेगी। सिंगापुर एक्सचेंज में दी गई जानकारी के मुताबिक, वेदांता की सब्सिडियरी वेदांता रिसोर्सेज फाइनेंस II पीएलसी ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस रकम को जुटाया है।

कंपनी ने यह रकम दो हिस्सों में जुटाई है। पहले हिस्से में $550 मिलियन का बॉन्ड 5.5 साल की अवधि और 9.475% ब्याज दर पर जारी किया गया, जबकि दूसरे हिस्से में $550 मिलियन का बॉन्ड 8.25 साल की अवधि और 9.850% ब्याज दर पर जारी हुआ। खास बात यह है कि दोनों बॉन्ड्स को लेकर निवेशकों ने जबरदस्त दिलचस्पी दिखाई। कंपनी को कुल $3.4 अरब के ऑर्डर मिले, जो इन बॉन्ड्स का 3.1 गुना है।

वेदांता ने साफ किया है कि इस राशि का उपयोग मौजूदा बॉन्ड्स की अदायगी, ट्रांजैक्शन खर्च और अन्य कर्जों के भुगतान के लिए किया जाएगा। निवेशकों में एशिया, यूरोप और अमेरिका के बड़े-बड़े नाम शामिल हैं, जो वेदांता की वित्तीय योजनाओं और प्रबंधन पर भरोसे को दिखाता है।

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रेटिंग एजेंसियों ने भी इस कदम को सराहा है। मूडीज ने वेदांता की रेटिंग को B2 से B1 में सुधार किया है, जबकि S&P ग्लोबल ने बॉन्ड्स को ‘B’ की रेटिंग दी है। इन रेटिंग्स से साफ है कि कंपनी की वित्तीय स्थिति में मजबूती आ रही है।

वेदांता के मुख्य वित्तीय अधिकारी अजय गोयल ने इसे कंपनी की एक बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि यह लेनदेन न केवल कर्ज चुकाने की दिशा में महत्वपूर्ण है, बल्कि यह दर्शाता है कि वेदांता की रणनीतियों को निवेशकों का पूरा समर्थन मिल रहा है।

सितंबर 2024 से अब तक वेदांता ने चार अंतरराष्ट्रीय लेनदेन के जरिए कुल $3.1 अरब जुटाए हैं। यह 2022 के बाद किसी भारतीय कंपनी द्वारा जुटाई गई सबसे बड़ी राशि है। क्रेडिटसाइट्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इस रकम से कंपनी 2026 और 2028 में मैच्योर होने वाले अपने बॉन्ड्स की अदायगी करेगी।

वेदांता के इस कदम ने यह साबित कर दिया है कि वह सिर्फ कर्ज कम करने तक सीमित नहीं है, बल्कि अपनी वित्तीय स्थिति को और मजबूत करने की दिशा में भी तेजी से आगे बढ़ रही है। यह कदम भारतीय कंपनियों के लिए एक मिसाल है कि कैसे मुश्किल हालातों में भी सही रणनीति से बड़े लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं। (PTI के इनपुट के साथ)

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First Published - January 15, 2025 | 5:07 PM IST

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