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Vivo PMLA case: ED ने आरोपियों की हिरासत 10 दिन बढ़ाने का अनुरोध किया

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ED ने तब आरोप लगाया था कि भारत में करों के भुगतान से बचने के लिए Vivo द्वारा 62,476 करोड़ रुपये की राशि ‘‘अवैध रूप से’’ चीन को हस्तांतरित की गई थी।

Last Updated- October 13, 2023 | 4:48 PM IST
वीवो धन शोधन मामला: दिल्ली की अदालत ने तीन आरोपियों को जमानत दी , Vivo money laundering case: Delhi court grants bail to three accused

Vivo PMLA case: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शुक्रवार को चीनी स्मार्टफोन निर्माता वीवो (Vivo) के खिलाफ धन शोधन मामले में गिरफ्तार लावा इंटरनेशनल मोबाइल कंपनी के प्रबंध निदेशक (एमडी) और एक चीनी नागरिक समेत चार लोगों की हिरासत 10 दिन के लिए बढ़ाने का अनुरोध किया।

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश देवेन्द्र कुमार जंगला ने 10 अक्टूबर को आरोपियों को तीन दिन के लिए ED की हिरासत में भेज दिया था। चारों आरोपियों-लावा इंटरनेशनल कंपनी के एमडी हरिओम राय, चीनी नागरिक गुआंगवेन उर्फ एंड्रयू कुआंग और चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) नितिन गर्ग और राजन मलिक को उनकी हिरासत की अवधि समाप्त होने पर शुक्रवार को अदालत में पेश किया गया।

बचाव पक्ष के वकील ने ED की अर्जी का विरोध किया

अभियोजन पक्ष ने उनकी हिरासत बढ़ाने का अनुरोध किया, ताकि उनसे आगे की पूछताछ की जा सके। अभियोजन पक्ष ने कहा कि साक्ष्य के संबंध में उनका 13 गवाहों से आमना-सामना कराया जाना है। बचाव पक्ष के वकील ने ED की अर्जी का विरोध करते हुए दावा किया कि केंद्रीय एजेंसी ‘‘प्रक्रियाओं का घोर उल्लंघन’’ कर रही है। संभावना है कि अदालत जल्द ही हिरासत बढ़ाने के ED की अर्जी पर आदेश सुनाएगी।

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ED का आरोप Vivo ने 62,476 करोड़ रुपये ‘अवैध रूप से’’ चीन भेजे

चारों आरोपियों को धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के प्रावधानों के तहत हिरासत में लिया गया। ED ने पिछले साल जुलाई में कंपनी और उससे जुड़े व्यक्तियों पर छापा मारा था, जिसमें चीनी नागरिकों और कई भारतीय कंपनियों से जुड़े एक बड़े धन शोधन रैकेट का भंडाफोड़ करने का दावा किया गया था।

ED ने तब आरोप लगाया था कि भारत में करों के भुगतान से बचने के लिए वीवो द्वारा 62,476 करोड़ रुपये की भारी भरकम राशि ‘‘अवैध रूप से’’ चीन को हस्तांतरित की गई थी।

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First Published - October 13, 2023 | 4:48 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

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