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कोर सेक्टर की रफ्तार में हल्का सुधार, ऊर्जा संकट का दबाव बरकरार

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इस्पात, बिजली और सीमेंट उत्पादन में मजबूती से अप्रैल में कोर सेक्टर ग्रोथ बढ़ी, लेकिन पश्चिम एशिया संकट के कारण ऊर्जा क्षेत्र अब भी दबाव में रहा।

Last Updated- May 21, 2026 | 9:19 AM IST
Core Sector Growth
Representational Image

वित्त वर्ष 2026-27 के पहले महीने में भारत के 8 मुख्य क्षेत्रों की संचयी वृद्धि 50 आधार अंक बढ़कर 1.7 प्रतिशत हो गई, जो मार्च के1.2 प्रतिशत से अधिक है। उर्वरक क्षेत्र में संकुचन के कम होने के साथ ही इस्पात और बिजली क्षेत्र में मजबूत वृद्धि से इसे समर्थन मिला है, जिनका आठ मुख्य उद्योगों के सूचकांक (आईसीआई) में क्रमशः दूसरा और तीसरा सर्वाधिक अधिभार है।

हालांकि पश्चिम एशिया संकट के बीच ऊर्जा की उपलब्धता और उनकी उच्च कीमतों का दबाव बना रहा। इक्रा के वरिष्ठ अर्थशास्त्री राहुल अग्रवाल ने कहा कि अनुकूल आधार के बावजूद आईसीआई में वृद्धि काफी हद तक धीमी थी। अप्रैल 2012 में मौजूदा डेटा श्रृंखला शुरू होने के बाद से उर्वरक के उत्पादन में मार्च 2026 में 24.6 प्रतिशत की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई थी। अप्रैल में संकुचन घटकर 8.6 प्रतिशत हो गया। इस बीच इस्पात और बिजली क्षेत्रों में उत्पादन में क्रमशः 6.2 प्रतिशत और 4.1 प्रतिशत की वृद्धि हुई।

इंडिया रेटिंग्स ऐंड रिसर्च की निदेशक मेघा अरोड़ा ने बताया कि मार्च की तुलना में इस समय उर्वरक उद्योग को गैस की उपलब्धता में सुधार हुआ है। एजेंसी को उम्मीद है कि इस क्षेत्र का उत्पादन मई और उसके बाद से बेहतर रहेगा।

पश्चिम एशिया संकट के दूसरे पूरे महीने में आठ प्रमुख क्षेत्रों में से पांच के उत्पादन में संकुचन देखा गया। इन क्षेत्रों में कोयला, कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस, रिफाइनरी उत्पाद और उर्वरक शामिल हैं। इस महीने के दौरान कोयले में वृद्धि नौ महीने के निचले स्तर 8.7 प्रतिशत पर आ गई, जबकि कच्चे तेल में 3.9 प्रतिशत का संकुचन आया है। रिफाइनरी उत्पादों के उत्पादन में भी गिरावट देखी गई, जिसका सूचकांक में सबसे ज्यादा 28.04 का भार है। इसमें मार्च में 0.1 प्रतिशत की मामूली वृद्धि के बाद 0.5 प्रतिशत का संकुचन आ गया।

अप्रैल में प्राकृतिक गैस उत्पादन में 4.3 प्रतिशत संकुचन हुआ, जो मार्च में 6.4 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज करने के बाद फिर से नकारात्मक क्षेत्र में आ गया। दूसरी ओर सीमेंट उत्पादन में वृद्धि अप्रैल में 9.3 प्रतिशत रही, जो तीन महीने का उच्च स्तर है। मार्च में सीमेंट उत्पादन में 4.7 प्रतिशत वृद्धि हुई थी। बिजली उत्पादन भी महीने के दौरान 3 महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया।

बहरहाल समग्र आईसीआई रीडिंग अप्रैल में 5 महीने के निचले स्तर 166 पर आ गई, जो मार्च में 185.1 थी। कोयला, इस्पात और सीमेंट के लिए उत्पादन सूचकांक भी अप्रैल के दौरान कई महीने के निचले स्तर पर आ गए। कोयला सूचकांक सात महीने के निचले स्तर 163.7 पर, इस्पात तीन महीने के निचले स्तर 232.8 पर, और सीमेंट पांच महीने के निचले स्तर 223.7 पर आ गया।

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First Published - May 21, 2026 | 9:19 AM IST

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