भारत का औद्योगिक उत्पादन अप्रैल में 4.9 प्रतिशत बढ़ा है, जिसमें 2022-23 का नया आधार वर्ष रखा गया है। यह आंकड़ा मार्च के संशोधित 3.2 प्रतिशत वृद्धि से अधिक है। आधार वर्ष को संशोधित कर 2022-23 करने और सूचकांक में शामिल मदों को व्यवस्थित करने के बाद पहली बार यह आंकड़ा सोमवार को जारी किया गया है।
पुरानी सीरीज के मुताबिक मार्च में वृद्धि दर 4.1 प्रतिशत थी। अप्रैल के आंकड़े नई सीरीज के मुताबिक है, जिसमें 2022-23 को आधार वर्ष के रूप में इस्तेमाल किया गया है, जबकि पहले 2011-12 को आधार वर्ष माना जाता था। नई सीरीज में अधिक क्षेत्रों को शामिल किया गया है। साथ ही अधिभार बदलने के अलावा बॉस्केट में ज्यादा वस्तुओं को रखा गया है।
कुल मिलाकर आईआईपी 118.9 रहने का अनुमान है जो अप्रैल, 2025 में 113.1 था। नई सीरीज में विनिर्माण का भार 76.6 प्रतिशत है, जिसकी वृद्धि दर 6.2 प्रतिशत रही और यह आंकड़ों का प्रमुख चालक रहा। सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने कहा, ‘विनिर्माण क्षेत्र में 6.2 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि के कारण, औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) में अप्रैल, 2026 में 4.9 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।’
बयान के अनुसार अप्रैल, 2026 के लिए चार क्षेत्रों खनन और उत्खनन, विनिर्माण, बिजली और गैस आपूर्ति, जल आपूर्ति, दूषित जल और अपशिष्ट प्रबंधन की वृद्धि दर क्रमशः (-) 5.1 प्रतिशत, 6.2 प्रतिशत, 4.9 प्रतिशत और 6.6 प्रतिशत रही। बयान में कहा गया है कि वस्तुओं की संशोधित सूची में 1,042 उत्पाद शामिल हैं जिन्हें 463 मद समूहों में वर्गीकृत किया गया है। इनमें 120 नए मद समूह शामिल हैं।
आधार वर्ष संशोधन का यह कार्य अखिल भारतीय औद्योगिक उत्पादन सूचकांक के आधार वर्ष संशोधन को लेकर तकनीकी सलाहकार समिति (टीएसी-आईआईपी) के अंतर्गत किया गया है। समिति की रिपोर्ट 25 मई, 2026 को जारी की गई। इसने भारत में औद्योगिक उत्पादन के अधिक सुदृढ़, प्रासंगिक और व्यापक माप की नींव रखी। यह आईआईपी के आधार वर्ष का 10वां संशोधन है।
पहला आईआईपी 1937 को आधार वर्ष मानकर तैयार किया गया था।मंत्रालय के अनुसार, नई आईआईपी श्रृंखला नवीकरणीय और गैर-नवीकरणीय स्रोतों से बिजली उत्पादन, गैस आपूर्ति, ईंधन खनिज, धात्विक और अधात्विक खनिज, जल आपूर्ति, दूषित जल और अपशिष्ट प्रबंधन के लिए अलग-अलग सूचकांकों के साथ अधिक विस्तृत जानकारी प्रदान करती है।
नई आईआईपी श्रृंखला में कुल 120 नए मद समूह जोड़े गए हैं, जिनमें ‘मैग्नेटिक’ पट्टी वाले कार्ड (डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड), सीसीटीवी कैमरा, गैर-बुने हुए वस्त्रों की वस्तुएं, विमान और अंतरिक्ष यान के पुर्जे, स्टेंट और टीके शामिल हैं। साथ ही, केरोसिन, फ्लोरोसेंट ट्यूब और सीएफएल, साइकिल, प्रिंटिंग मशीनरी, सिलाई मशीन सहित 64 मद समूहों को हटा दिया गया है।
(साथ में एजेंसियां)