मुख्य आर्थिक सलाहकार वी अनंत नागेश्वरन ने आज कहा कि जब वैश्वीकरण से लाभ नहीं मिल रहा हो तो अर्थव्यवस्था की वृद्धि को गति देने के लिए भारत को घरेलू कारकों पर भरोसा करने की जरूरत है और इसके लिए विनियमों का बोझ कम करना होगा। आर्थिक समीक्षा 2024-25 पर संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते […]
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वैश्विक व्यापार में अनिश्चितता और संरक्षणवाद के बढ़ते जोर के बीच बजट से पहले वित्त वर्ष 2024-25 की आर्थिक समीक्षा में खास तौर पर राज्य स्तर पर विनियम का बोझ कम करके कारोबार को आसान बनाने पर जोर दिया गया है। इसके साथ ही आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (एआई) का समझदारी के साथ उपयोग करने की बात […]
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आर्थिक समीक्षा में मानव निर्मित फाइबर (एमएमएफ) से बने उत्पादों की बढ़ती वैश्विक मांग के अनुरूप कपड़ा क्षेत्र के लिए भारत की रणनीति नए सिरे से तैयार करने की वकालत की गई है। एमएमएफ के उत्पादन में भारत की हिस्सेदारी 9.2 प्रतिशत है जो वैश्विक दिग्गजों जैसे वियतनाम, चीन और ताइवान से बहुत कम है। […]
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वैश्विक व्यापार गतिशीलता में आ रहे परिवर्तन के बीच संरक्षणवाद के साथ अनिश्चितता बढ़ने के कारण आर्थिक समीक्षा में भारत के लिए नई रणनीतिक व्यापार योजना बनाने की जरूरत पर बल दिया गया है। इसमें कहा गया है कि हालात से निपटने के लिए भारत को प्रतिस्पर्धी बने रहना होगा और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में […]
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आर्थिक समीक्षा में कहा गया है कि संरक्षणवाद बढ़ने के कारण वैश्विक व्यापार की स्थिति बदलने के साथ ही अनिश्चितता बढ़ रही है। ऐसे में भारत को निर्यात प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने के लिए लागत घटाकर और सुविधा में सुधार करके व्यापार प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाने की जरूरत होगी। रिपोर्ट में कहा गया है, ‘हाल के […]
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भारत को वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने का लक्ष्य हासिल करने के लिए अगले एक या दो दशक तक लगातार औसतन लगभग 8 प्रतिशत की वृद्धि दर हासिल करनी होगी। शुक्रवार को जारी आर्थिक समीक्षा 2024-25 में यह आकलन पेश किया गया है। इसमें कहा गया है, ‘इस वृद्धि दर तक पहुंचने के लिए […]
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शहरों में रहन-सहन पहले के मुकाबले काफी महंगा हो गया है। अब औसत शहरी की कमाई का बड़ा हिस्सा घर के किराए में चला जाता है। घरेलू उपभोग व्यय सर्वेक्षण 2023-24 के अनुसार कुल उपभोग व्यय में किराए का हिस्सा 6.58 प्रतिशत हो गया है। सहस्राब्दी बदलने के बाद हुए सभी सर्वेक्षणों में घर किराए […]
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साल 2024-25 की आर्थिक समीक्षा में कहा गया है कि वित्त वर्ष 2025 की पहली छमाही में निजी अंतिम उपभोग व्यय (पीएफसीई) बढ़ा है। समीक्षा में कहा गया है कि दोपहिया, तिपहिया और ट्रैक्टरों की बिक्री जैसे इसके संकेतकों से पता चलता है कि ग्रामीण मांग से निजी उपभोग की वृद्धि को बल मिला है। […]
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वित्त वर्ष 2024-25 की आर्थिक समीक्षा कहती है कि निवेश गतिविधियों में हालिया नरमी अस्थायी होने की संभावना है और अब इसमें सुधार के शुरुआती संकेत दिखने लगे हैं। इसमें कहा गया है कि वर्ष 2047 तक देश को विकसित बनाने का लक्ष्य हासिल करने के लिए कई महत्त्वपूर्ण क्षेत्रों में निजी निवेश बढ़ाने की […]
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ईवी यानी इलेक्ट्रिक वाहनों पर कर छूट और नवीकरणीय ऊर्जा पर सब्सिडी लोगों को कम कार्बन उत्सर्जन वाली जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित कर सकती है। संसद में शुक्रवार को पेश 2024-25 की आर्थिक सर्वेक्षण में ये कहा गया है। आर्थिक सर्वेक्षण में कहा गया है कि कम कार्बन वाली जीवनशैली को बढ़ावा देने के […]
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