वित्त वर्ष 2026-27 (वित्त वर्ष 27) के पहले महीने अप्रैल में 22 राज्यों ने संयुक्त वार्षिक बजट के अनुमानित पूंजीगत व्यय 10.61 लाख करोड़ रुपये का केवल 1.85 प्रतिशत यानि 19,604 करोड़ रुपये ही उपयोग किया। यह पिछले वर्ष अप्रैल के 2.26 प्रतिशत की तुलना में कम है। यह जानकारी भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक के मासिक खातों के विश्लेषण से मिली है।
विश्लेषण से जानकारी मिलती है कि पिछले वित्त वर्ष (वित्त वर्ष 26) के इसी महीने की तुलना में पूंजीगत व्यय कम खर्च हुआ है। इन्हीं राज्यों के समूह ने वित्त वर्ष 26 में तत्कालीन बजट अनुमान 9.71 लाख करोड़ रुपये में से 21,981 करोड़ (2.26 प्रतिशत) खर्च किया था।
गति में कमी आई है, जहां राज्यों के उसी समूह ने अपने तत्कालीन संयुक्त बजट अनुमान 9.71 लाख करोड़ रुपये का 21,981 करोड़ रुपये (2.26 प्रतिशत) खर्च किया था। हालांकि वित्त वर्ष 27 में बजट का पूंजीगत व्यय करीब 9.3 प्रतिशत बढ़ा लेकिन वित्त वर्ष के पहले महीने का वास्तविक खर्च 11 प्रतिशत कम हो गया।
राज्यों की अलग अलग बात करें तो इसमें केरल सबसे आगे रहा। केरल ने पहले महीने में सालाना बजट का करीब 22.31 प्रतिशत खर्च किया और फिर हरियाणा 12.92 प्रतिशत। इस क्रम में राजस्थान (5.16 प्रतिशत), मध्य प्रदेश (4.24 प्रतिशत), तेलंगाना (4.17 प्रतिशत) और हिमाचल प्रदेश (3.71 प्रतिशत) ने भी शीर्ष सूची में जगह बनाई।
दूसरी ओर, वित्त वर्ष 27 में उत्तर प्रदेश को सर्वाधिक अनुमानित पूंजीगत व्यय 1.94 लाख करोड़ रुपये आवंटित किया गया है लेकिन इस राज्य ने इस माह में पूंजीगत व्यय का मात्र 0.01 प्रतिशत खर्च किया। पूंजीगत व्यय के कम व्यय के मामले में उत्तराखंड ने 0.18 प्रतिशत, छत्तीसगढ़ ने 0.23 प्रतिशत, मेघालय ने 0.27 प्रतिशत, त्रिपुरा ने 0.05 प्रतिशत और बिहार ने 0.50 प्रतिशत का उपयोग किया। तीन राज्यों महाराष्ट्र (-0.74 प्रतिशत), ओडिशा (-0.41 प्रतिशत) और झारखंड (-0.02 प्रतिशत) ने अप्रैल में शुद्ध नकारात्मक पूंजीगत व्यय दर्ज किया। यह दर्शाता है कि प्राप्तियां नए खर्च से अधिक थीं।
नियंत्रक सामान्य लेखा के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 27 के पहले महीने में अपने पूंजीगत व्यय के लक्ष्य का 15.5 प्रतिशत खर्च किया जबकि पिछले वर्ष इसी महीने में यह 14.3 प्रतिशत था। राजस्व व्यय अपेक्षाकृत स्वस्थ गति से बढ़ा। इस क्रम में 22 राज्यों ने अप्रैल में सामूहिक रूप से 3.14 लाख करोड़ रुपये खर्च किए और यह वित्त वर्ष 27 के उनके संयुक्त बजट अनुमानित राजस्व व्यय 52.37 लाख करोड़ रुपये का 6 प्रतिशत है। आंध्र प्रदेश ने 8.90 प्रतिशत के साथ उच्चतम उपयोग दर्ज किया।