इस साल असम विधान सभा चुनावों में मैदान में उतरे हर सात में से एक उम्मीदवार पर आपराधिक मामले हैं, जो पिछले चुनाव की तुलना में मामूली गिरावट को दर्शाता है। हालांकि इस बार करोड़पति उम्मीदवारों की हिस्सेदारी में भारी वृद्धि हुई है। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) के विश्लेषण के अनुसार 722 उम्मीदवारों में से 102 उम्मीदवारों (14 फीसदी) पर आपराधिक मामले दर्ज हैं जबकि 2021 में 15 फीसदी उम्मीदवारों पर आपराधिक मामले थे। 82 उम्मीदवारों (11 फीसदी) पर गंभीर आपराधिक आरोप हैं जो पांच साल पहले 12 फीसदी से कम है।
असम के कुल 126 निर्वाचन क्षेत्रों में से 8 ही अति संवेदनशील यानी ‘रेड अलर्ट’ वाली सीटें हैं जिनमें तीन या अधिक उम्मीदवारों पर आपराधिक मामले चल रहे हैं। हालांकि उम्मीदवारों के बीच संपत्ति में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। करोड़पति उम्मीदवारों का अनुपात 2021 में 28 फीसदी था जो इस बार बढ़कर 39 फीसदी हो गया है। औसत संपत्ति भी बढ़कर लगभग 3.25 करोड़ रुपये हो गई है जो पिछले चुनाव के 2.10 करोड़ रुपये औसत संपत्ति से अधिक है।
सभी उम्मीदवारों की कुल घोषित संपत्ति लगभग 2,352 करोड़ रुपये है, जो चुनावों में धनबल की बढ़ती भूमिका को रेखांकित करता है। उम्मीदवारों की जनसांख्यिकी एक परिचित रूझान दिखाती है। अधिकतर उम्मीदवार (60 फीसदी) 41 से 60 वर्ष की आयु के बीच हैं जबकि 24 फीसदी उम्मीदवार 25 से 40 आयु वर्ग के हैं। शैक्षणिक रूप से उम्मीदवारों में काफी असमानता है 53 फीसदी स्नातक या उससे ऊपर की पढ़ाई की हैं और 45 फीसदी कक्षा 12 तक पढ़े हुए हैं।