facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

गहलोत का शेखावत पर हमला, कहा- कायर क्यों बन रहे हैं केंद्रीय मंत्री?

Advertisement

शेखावत ने खुद पर और अपने परिवार पर संजीवनी क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसायटी ‘‘घोटाले’’ में शामिल होने का आरोप लगाने के लिए गहलोत के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया है।

Last Updated- October 23, 2023 | 6:47 PM IST
Former Rajasthan chief minister Ashok Gehlot.

केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत को ‘‘कायर’’ करार देते हुए राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोमवार को कहा कि यदि वह कथित संजीवनी घोटाले में निर्दोष होने का दावा करते हैं, तो उन्होंने अपनी गिरफ्तारी के खिलाफ अदालत का दरवाजा क्यों खटखटाया और पुलिस को मामले में आरोपपत्र दाखिल करने से रोका गया।

केंद्रीय मंत्री के लोकसभा क्षेत्र जोधपुर में चुनावी अभियान शुरू करने से पहले गहलोत ने संवाददातओं से बातचीत के दौरान पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (ईआरसीपी) को राष्ट्रीय परियोजना घोषित करने में विफल रहने के लिए केंद्रीय जल शक्ति मंत्री शेखावत की आलोचना की।

शेखावत पर निशाना साधते हुए गहलोत ने दावा किया, ‘‘अगर वह आरोपी नहीं हैं, तो वह जमानत के लिए अदालत क्यों जा रहे हैं? अब आप एसओजी (राजस्थान पुलिस का विशेष अभियान समूह) को आरोपपत्र दाखिल करने से रोकने की प्रार्थना कर रहे हैं। अगर आप मानते हैं कि आपने कोई गलती नहीं की है, तो केंद्रीय मंत्री कायर क्यों बने हुए हैं?’’

शेखावत ने खुद पर और अपने परिवार पर संजीवनी क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसायटी ‘‘घोटाले’’ में शामिल होने का आरोप लगाने के लिए गहलोत के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया है। कथित संजीवनी क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसायटी घोटाले में हजारों निवेशकों को करोड़ों रुपये का चूना लगाया गया है। मुख्यमंत्री ने शेखावत पर इतना महत्वपूर्ण मंत्रालय होने के बावजूद राज्य के लिए पर्याप्त काम नहीं करने का आरोप लगाया।

गहलोत ने इसे पूर्वी राजस्थान के लिए एक महत्वपूर्ण परियोजना बताते हुए कहा, ‘‘वह ईआरसीपी को राष्ट्रीय परियोजना भी घोषित नहीं करवा सके।’’ उन्होंने पश्चिमी राजस्थान के लोगों से अपील की कि वे भी इसे मुद्दा बनाएं क्योंकि रेगिस्तानी क्षेत्र का हिस्सा होने के कारण वे पानी की कीमत समझते हैं।

गहलोत ने आरोप लगाया कि ईआरसीपी को क्रियान्वित करने के बजाय, केंद्र अब राज्य की कांग्रेस सरकार को परियोजना निलंबित करने के लिए मजबूर कर रहा है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर भी निशाना साधा और उन पर मणिपुर में हिंसा पर ‘‘आंखें मूंद’’ लेने का आरोप लगाया।

गहलोत ने कहा, ‘‘मणिपुर हमारे देश का अभिन्न अंग है। लेकिन राज्य में गृह युद्ध के कारण यह जल रहा है। वहां 100 से ज्यादा बलात्कार हुए हैं और 200 प्राथमिकी दर्ज की गई हैं, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी के पास वहां एक भी दौरा करने का समय नहीं है।’’

प्रधानमंत्री के राजस्थान दौरों पर कटाक्ष करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री राजस्थान का ‘‘10 बार’’ दौरा कर सकते हैं लेकिन एक बार भी मणिपुर नहीं जा सकते। उन्होंने दावा किया, ‘‘हमने यह मुद्दा संसद में उठाया लेकिन इसके बावजूद उन्होंने (मोदी) एक भी शब्द नहीं बोला और हमारे सवालों का कोई जवाब नहीं दिया। लोकतंत्र में जवाब देना महत्वपूर्ण है।’’

पिछले महीने जोधपुर में कुछ परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास समारोह में गहलोत की अनुपस्थिति पर मोदी की टिप्पणी का जिक्र करते हुए, मुख्यमंत्री ने इसे अनुचित करार दिया और प्रधानमंत्री पर राज्य सरकारों को परेशान करने का आरोप लगाया।

Advertisement
First Published - October 23, 2023 | 6:47 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement