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27 जनवरी को देशभर में बैंक हड़ताल! 8 लाख बैंक कर्मी क्यों ठप रखेंगे कामकाज?

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Bank Strike: पांच दिन के बैंकिंग सप्ताह को लागू करने की मांग पर करीब 8 लाख बैंक कर्मचारी और अधिकारी करेंगे एक दिन की हड़ताल

Last Updated- January 22, 2026 | 6:19 PM IST
Bank Strike
प्रस्तावित हड़ताल के दौरान सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, निजी बैंक, विदेशी बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक और सहकारी बैंक सभी शामिल रहेंगे।

Banks Strike: देशभर में 27 जनवरी 2026 को बैंकिंग सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। करीब आठ लाख बैंक कर्मचारी और अधिकारी पांच-दिवसीय कार्य सप्ताह (five-day work week) लागू करने की मांग को लेकर एक दिन की देशव्यापी हड़ताल पर रहेंगे। प्रस्तावित हड़ताल के दौरान सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, निजी बैंक, विदेशी बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक और सहकारी बैंक सभी शामिल रहेंगे।

यह हड़ताल यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के आह्वान पर की जा रही है। UFBU बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों के नौ संगठनों का संयुक्त मंच है, जिसमें ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कन्फेडरेशन (AIBOC), ऑल इंडिया बैंक एम्प्लॉइज एसोसिएशन (AIBEA), नेशनल कन्फेडरेशन ऑफ बैंक एम्प्लॉइज (NCBE), ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन (AIBOA), बैंक एम्प्लॉइज फेडरेशन ऑफ इंडिया (BEFI), इंडियन नेशनल बैंक एम्प्लॉइज फेडरेशन (INBEF), इंडियन नेशनल बैंक ऑफिसर्स कांग्रेस (INBOC), नेशनल ऑर्गनाइजेशन ऑफ बैंक वर्कर्स (NOBW) और नेशनल ऑर्गनाइजेशन ऑफ बैंक ऑफिसर्स (NOBO) शामिल हैं।

Banks Strike: शनिवार को बैंकों में अवकाश की मांग

AIBOC की ओर से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि यह हड़ताल सरकार की ओर से सभी शनिवारों को बैंक अवकाश घोषित करने की मंजूरी में हो रही देरी के कारण जरूरी हो गई है। बयान में कहा गया, “भारतीय बैंक संघ (IBA) की ओर से पांच-दिवसीय कार्य सप्ताह की सिफारिश पिछले दो वर्षों से सरकार के पास लंबित है।” यूनियनों ने बताया कि यह प्रस्ताव 7 दिसंबर 2023 को UFBU और IBA के बीच हुए समझौता ज्ञापन (MoU) का हिस्सा था और बाद में 8 मार्च 2024 को हुए सेटलमेंट और जॉइंट नोट में भी इसकी पुष्टि की गई थी। प्रस्ताव के तहत सोमवार से शुक्रवार तक रोजाना काम के घंटे 40 मिनट बढ़ाए जाने और सभी शनिवारों को अवकाश घोषित करने की बात कही गई है।

UFBU ने यह भी याद दिलाया कि 2015 के 10वें द्विपक्षीय समझौते और 7वें जॉइंट नोट के दौरान सरकार और IBA ने दूसरे और चौथे शनिवार को छुट्टी घोषित करने पर सहमति जताई थी और बाकी शनिवारों पर बाद में विचार करने का आश्वासन दिया गया था। संगठन का कहना है, “बार-बार आश्वासन के बावजूद यह मुद्दा अब तक हल नहीं हुआ है।”

यूनियनों ने बताया कि सरकार के आश्वासन के बाद 24 और 25 मार्च 2025 को प्रस्तावित दो-दिवसीय हड़ताल को टाल दिया गया था। UFBU ने कहा, “इस गंभीर आश्वासन के बावजूद मंजूरी नहीं मिली, जिससे हमें अपना आंदोलन तेज करने के लिए मजबूर होना पड़ा।”

RBI, LIC जैसी संस्थाओं में पहले ये 5 डेज वर्किंग

यूनियनों का तर्क है कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI), भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) और जनरल इंश्योरेंस कॉरपोरेशन (GIC) जैसी संस्थाओं में पहले से ही पांच-दिवसीय कार्य सप्ताह लागू है। इसके अलावा केंद्र और राज्य सरकार के कार्यालय, शेयर बाजार, मुद्रा और विदेशी मुद्रा बाजार भी केवल सोमवार से शुक्रवार तक ही काम करते हैं।

UFBU ने कहा कि बैंक कर्मचारी और अधिकारी खुद को भेदभाव का शिकार महसूस कर रहे हैं, क्योंकि केवल उनसे ही शनिवार को काम कराया जा रहा है। यूनियनों ने आम जनता से हड़ताल के कारण होने वाली असुविधा के लिए सहयोग की अपील की और कहा कि वैकल्पिक बैंकिंग चैनल उपलब्ध रहेंगे।

AIBOC, जो UFBU का एक प्रमुख घटक है, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों और निजी बैंकों में कार्यरत 3.25 लाख से अधिक बैंक अधिकारियों का प्रतिनिधित्व करता है।

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First Published - January 22, 2026 | 1:04 PM IST

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