बैंक ऋण में 31 मई को समाप्त हुए पखवाड़े में करीब दो वर्षों में सबसे तेजी से वृद्धि हुई। इस अवधि में बैंक ऋण सालाना आधार पर 17.65 प्रतिशत बढ़ी। यह बैंकिंग प्रणाली में लेन-देन की गतिविधियों में लगातार तेजी दिखाती है। जमा वृद्धि 12.21 प्रतिशत पर ही रही। इससे ऋण और जमा वृद्धि के बीच का अंतर बढ़कर 544 आधार अंक हो गया।
भारतीय रिजर्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार बैंकों का 31 मई तक बकाया ऋण सालाना आधार पर 17.65 प्रतिशत बढ़कर 215.15 लाख करोड़ रुपये हो गया जबकि यह एक साल पहले 182.87 लाख करोड़ रुपये था। जमा राशि की वृद्धि सुस्त रही और यह 12.21 प्रतिशत बढ़कर 260.02 लाख करोड़ रुपये हो गई जबकि यह एक साल पहले 231.73 लाख करोड़ रुपये थी।
पिछले पखवाड़े की तुलना में ऋण में 1.55 प्रतिशत या 3.29 लाख करोड़ रुपये की वृद्धि हुई और यह 15 मई को बढ़कर 211.86 लाख करोड़ रुपये हो गई थी। इस दौरान जमा में 1.22 प्रतिशत या 3.13 लाख करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई और यह बढ़कर 256.89 लाख करोड़ रुपये हो गई। मौजूदा आंकड़े पिछले पखवाड़े के मुकाबले सुधार का संकेत देते हैं। उस समय भूराजनीतिक अनिश्चितताओं के बावजूद ऋण वृद्धि मजबूत बनी हुई थी, लेकिन तिमाही आधार पर बकाया ऋण में मामूली कमी आई।