सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के प्रबंध निदेशक व मुख्य कार्यकारी अधिकारी कल्याण कुमार ने बताया कि बैंक ने दो मोर्चों ऋण जमा (सीडी) अनुपात और लागत से आय अनुपात (सीआईआर) पर अन्य की तुलना में कहीं शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने मनोजित साहा को टेलीफोन पर दिए साक्षात्कार में बताया कि मजबूत ऋण वृद्धि से सीडी अनुपात बेहतर होगा। बैंक ने लागत घटाने वाले क्षेत्रों को चिह्नित किया है। लिहाजा अगले तीन वर्षों में सीआईआर 50 प्रतिशत से नीचे आ सकता है। पेश हैं मुख्य अंश :
कारोबार मार्च में 8 लाख करोड़ रुपये को पार कर गया है। अगला मील का पत्थर क्या होगा?
मार्च, 2028 तक 10 लाख करोड़ रुपये के पार कुल कारोबार को ले जाने की रणनीति है। हमने वित्त वर्ष 2025-26 (वित्त वर्ष 26) के लिए जमा वृद्धि 10-12 और ऋणों पर 14-16 प्रतिशत वृद्धि की उम्मीद थी। हमने अपने लक्ष्य को हासिल कर लिया है। हमारा वित्त वर्ष 2026-27 (वित्त वर्ष 27) के लिए लक्ष्य भी यही है। हमें पूरा भरोसा है कि इस लक्ष्य को हासिल कर लेंगे और मार्च 2028 तक 10 लाख करोड़ रुपये का कारोबार होगा।
हमने वित्त वर्ष 26 में 1.26 लाख करोड़ रुपये का कारोबार जोड़ा है। मैं 30 सितंबर, 2026 को बैंक में शामिल हुआ था। वित्त वर्ष की दूसरी छमाही व्यस्त समय होता है। हमने इस अवधि में 86,000 करोड़ रुपये का कारोबार जोड़ा था। वित्त वर्ष 26 में ऋणों में 18.76 प्रतिशत और जमा वृद्धि 13.38 प्रतिशत रही।
वित्त वर्ष 26 में ऋण वृद्धि मजबूत रही…
यहां उपलब्ध अवसर बहुत बड़े हैं। हमारी विशेषज्ञता या ताकत खुदरा, कृषि और एमएसएमई क्षेत्र है। हमने खुदरा ऋणों में 25 प्रतिशत की वृद्धि की, जिसमें वाहन ऋण 16 प्रतिशत थे। कई अन्य बैंकों ने 30 प्रतिशत से अधिक वाहन ऋण वृद्धि दर्ज की। इसका कारण यह है कि अवसर बहुत बड़े हैं। हमने अभी तक अपने पूरे अवसर का लाभ नहीं उठाया है। मुझे विश्वास है कि इस साल भी समान वृद्धि (वित्त वर्ष 26) दोहराई जा सकती है।
अपेक्षित ऋण हानि (ईसीएल) मानदंडों में बदलाव के कारण प्रावधानों पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
हम पिछले कुछ तिमाहियों से ईसीएल मानदंडों को अपनाने के लिए तैयारी कर रहे हैं। हमने तीसरी तिमाही में चरण-1 और चरण-2 परिसंपत्तियों के लिए 1,525 करोड़ रुपये का प्रावधान किया। चरण-3 परिसंपत्तियों के लिए 100 प्रतिशत प्रावधान पहले से ही मौजूद है।
भारतीय रिजर्व बैंक ने बैंकों को आरक्षित निधि से भी माइग्रेशन के लिए प्रावधान करने की अनुमति दी है। हमारे पास 9,000 करोड़ रुपये से अधिक की आरक्षित निधि उपलब्ध है। हमारा पूंजी पर्याप्तता अनुपात 17.91 प्रतिशत और सामान्य इक्विटी टियर 1 अनुपात 15.61 प्रतिशत है। मैं विश्वास के साथ कह सकता हूं कि अगले साल 1 अप्रैल से ईसीएल मानदंडों में माइग्रेशन से हमारी लाभप्रदता और अन्य अनुपातों पर कोई महत्त्वपूर्ण प्रभाव नहीं पड़ेगा।
क्या आपके पास इस वर्ष पूंजी जुटाने की कोई योजना है?
हमने बोर्ड से 7,000 करोड़ रुपये जुटाने की मंजूरी ले ली है। मुझे 16 प्रतिशत की विकास आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए पूंजी की जरूरत नहीं है। हमारी पूंजी स्थिति पर्याप्त है। यदि आवश्यक हुआ तो हम आने वाले दिनों में पूंजी जुटा सकते हैं लेकिन ऐसा करने की तत्काल कोई योजना नहीं है।