facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

भारत-न्यूजीलैंड व्यापार समझौते से बैंकिंग को मिली नई रफ्तार, खुलेंगी ज्यादा बैंक शाखाएं

Advertisement

भारत और न्यूजीलैंड के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते के तहत बैंकिंग और बीमा क्षेत्र में अधिक एफडीआई और विदेशी बैंक शाखाओं की अनुमति दिए जाने की पेशकश की गई है

Last Updated- December 23, 2025 | 10:51 PM IST
Bank
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

भारत ने न्यूजीलैंड के साथ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के वित्तीय सेवा अनुलग्नक के तहत बैंकिंग और बीमा में अधिक प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) सीमा और एक अधिक उदार बैंक शाखा लाइसेंसिंग ढांचे की पेशकश की है। इससे वित्तीय क्षेत्र में भारत के व्यापक उदारीकरण और दूरगामी दृष्टिकोण के संकेत मिलते हैं।

विदेशी बैंकों को 4 साल की अवधि में 15 शाखाएं खोलने की अनुमति दी जाएगी, जो विश्व व्यापार संगठन के व्यापार सेवाओं पर सामान्य समझौते (जीएटीएस) में भारत की प्रतिबद्धताओं के तहत मिली 12 शाखाओं की अनुमति से आगे एक महत्त्वपूर्ण विस्तार है। वित्त मंत्रालय ने  कहा, ‘भारत के क्षेत्रीय प्रस्ताव बैंकिंग और बीमा में बढ़ी हुई एफडीआई सीमा के साथ-साथ उदार बैंक शाखा लाइसेंसिंग ढांचे की विशेषता वाले एक दूरगामी उदारीकरण दृष्टिकोण को दर्शाते हैं।’

इसमें कहा गया है, ‘शाखा की संख्या बढ़ाए जाने से भारत की व्यापक रणनीतिक उद्देश्यों के अनुरूप प्रगतिशील बाजार खोलने की प्रतिबद्धता का पता चलता है।’ वित्त मंत्रालय ने बतायाहै कि इन प्रतिबद्धताओं से भारतीय वित्तीय सेवा प्रदाताओं को न्यूजीलैंड में कामकाज का विस्तार करने, भारत के वित्तीय सेवा निर्यात को मजबूत करने और दीर्घकालिक क्षेत्रीय विकास को समर्थन मिलेगा। साथ ही इस ढांचे से न्यूजीलैंड के वित्तीय संस्थानों को भारत के बड़े और तेजी से बढ़ते वित्तीय सेवा बाजार में प्रतिस्पर्धी रूप से स्थापित होने में मदद मिलेगी।  

Advertisement
First Published - December 23, 2025 | 10:51 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement