facebookmetapixel
Advertisement
M&M का EV प्लान! सिर्फ नई कार नहीं, पूरी फैक्ट्री बदल रही कंपनीराज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिका

2020 से अब तक भारत में 380 बाघों की मौत, इस साल अब तक 26 बाघों ने अपनी जान गंवाई

Advertisement
Last Updated- February 16, 2023 | 11:55 PM IST
Tiger

भारत में 2020 से अब तक 380 बाघों (Tiger’s) की मौत हुई है। सरकार की संरक्षण परियोजनाएं मौत के कारणों का इंतजार कर रही है। इस दशक में सबसे अधिक 2021 में 127 बाघों की मौत हुई थी।

फरवरी के दूसरे सप्ताह तक के आंकड़ों से पता चलता है कि इस साल अब तक 26 बाघों ने अपनी जान गंवाई है। पिछले वर्षों की इसी अवधि की तुलना में इस साल मौतें अधिक हैं। पिछले साल इसी अवधि के दौरान 18 मौतें हुई थीं और 2021 में 21 मौतें हुई थीं।

मध्य प्रदेश में 2012 से 2022 के बीच की अवधि में 270 बाघों की मौत दर्ज की गई है। यह देश में सर्वाधिक है। इसके बाद महाराष्ट्र (184 मौत) और कर्नाटक (150 मौत) का स्थान है।

राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण के आंकड़ों से पता चलता है कि 2020 में अवैध शिकार के कारण कम मौतें हुईं। 2020 में अवैध शिकार के कारण सिर्फ सात बाघों की मौत हुई, जो 2018 की 34 की तुलना में काफी कम है। मौत के कारण पर आंकड़े केवल 2020 तक उपलब्ध हैं।

भारत में दुनिया के बाघों की आबादी का 70 फीसदी से अधिक है। देश में 2018 तक अनुमानित 2,967 बाघ थे। तब एक जनसंख्या हुई थी और यह 2010 के 1,706 से उल्लेखनीय वृद्धि थी। हालांकि, 2022 की जनसंख्या के आंकड़े अभी जारी नहीं किए हैं, लेकिन कुछ अनुमानों में उम्मीद जताई जा रही है कि बाघों की आबादी 3,000 के आंकड़े को पार कर लेगी।

बाघों की आबादी मध्य भारत, पूर्वी घाट और पश्चिमी घाट में केंद्रित, इन क्षेत्रों में लगभग 2,014 बाघ

1973 में बाघों को विलुप्त होने से बचाने और उनके प्राकृतिक आवासों में एक व्यवहार्य आबादी सुनिश्चित करने के लिए एक केंद्र प्रायोजित कार्यक्रम प्रोजेक्ट टाइगर की शुरुआत की गई थी।

हाल के वर्षों में इस कार्यक्रम पर होने वाले व्यय में कमी आई है क्योंकि बाघों की संख्या में वृद्धि हुई है। 2018-19 में 323.44 करोड़ रुपये की तुलना में चालू वित्त वर्ष में केंद्र द्वारा परियोजना पर 188 करोड़ रुपये खर्च करने की उम्मीद है।

Advertisement
First Published - February 16, 2023 | 11:40 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement