Building collapse near Saket Metro station: दक्षिण दिल्ली में साकेत मेट्रो स्टेशन के निकट एक व्यावसायिक इमारत ढहने की घटना में मृतकों की संख्या बढ़कर रविवार को छह हो गई, जबकि कई अन्य को मलबे से निकाला गया और अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। पुलिस सूत्रों के अनुसार, घटना में जान गंवाने वाले और घायलों में से कुछ लोग विदेशी चिकित्सा स्नातक (FMG) परीक्षा की तैयारी कर रहे थे। साकेत का यह इलाका, जहां यह इमारत ढही, विदेशों में चिकित्सा और इंजीनियरिंग की पढ़ाई के इच्छुक छात्रों के लिए कोचिंग संस्थानों का प्रमुख केंद्र माना जाता है।
अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में गैर-इरादतन हत्या सहित भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत FIR दर्ज की गई है तथा हादसे के कारणों की जांच के लिए विभिन्न टीमों का गठन किया गया है। यह हादसा शनिवार शाम सईद-उल-अजायब क्षेत्र के वेस्टर्न मार्ग पर हुआ, जब बहुमंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। इमारत में एक कोचिंग संस्थान, कैफे और कई कार्यालय संचालित हो रहे थे। हादसे के समय इसकी ऊपरी मंजिल पर निर्माण कार्य हो रहा था।
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) के अनुसार, शनिवार शाम सात बजकर 40 मिनट पर आपातकालीन अभियान केंद्र को इमारत ढहने की सूचना मिली थी। DDMA ने बयान में कहा गया, “सूचना मिलते ही एक त्वरित प्रतिक्रिया वाहन को घटनास्थल पर भेजा गया और मानक परिचालन प्रक्रिया के तहत बचाव अभियान शुरू किया गया।”
मौके पर पहुंचने पर अधिकारियों ने पाया कि लगभग 300 से 400 वर्ग गज क्षेत्र में फैली पांच से सात मंजिला इमारत पूरी तरह ढह चुकी थी। स्थानीय लोगों ने बचाव दल को बताया कि मलबे में 10 से 15 लोगों के फंसे होने की आशंका है। दक्षिण जिले के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) अनंत मित्तल ने कहा, “इस हादसे में कुल छह लोगों की मौत हुई है। बचाव अभियान चलाया जा रहा है।”
पुलिस के मुताबिक मृतकों की पहचान रवि (24), कपिल (28), नलिन राय (23), आलोक, पार्वती (35) और एकता (24) के रूप में हुई है। अधिकारियों ने बताया कि इमारत पूरी तरह मलबे में तब्दील हो गई और उसका एक बड़ा हिस्सा निकट स्थित ‘टिन-शेड’ कैंटीन पर गिर गया। यह कैंटीन पार्वती की थी, जहां चिकित्सा प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्र अक्सर आते थे।
इस घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सोशल मीडिया पर सामने आया है। फुटेज में दिख रहा है कि इमारत ढहने से कुछ क्षण पहले एक छात्र ने सड़क पर पत्थर और ईंटें गिरती देख वीडियो रिकॉर्ड करना शुरू किया। कुछ ही सेकंड में पूरी इमारत ढह गई और धूल का विशाल गुबार उठने से आसपास के क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने बताया कि घायलों की पहचान क्षितिज प्रताप (25), नीलम यादव (25), अनुज दीक्षित (22), तरुण (25), साइका खान (27), आस्था (26), आदित्य शर्मा (24) और विशाल (25) के रूप में हुई है। सभी घायलों को उपचार के लिए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया। पुलिस ने बताया कि कुछ घायलों को उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई, जबकि अन्य चिकित्सकीय निगरानी में हैं।
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DDMA के बयान के अनुसार, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), दिल्ली अग्निशमन सेवा, DDMA, दिल्ली पुलिस, दिल्ली सिविल डिफेंस, कैट्स एम्बुलेंस और स्थानीय स्वयंसेवियों की संयुक्त टीम ने पूरी रात बचाव अभियान चलाया। मलबे में फंसे लोगों की तलाश के लिए हाइड्रा, जेसीबी और रोटावेटर जैसी भारी मशीनों के साथ हाइड्रोलिक कटर, पीड़ितों का पता लगाने वाले कैमरे तथा खोजी श्वान का भी उपयोग किया गया।
जिलाधिकारी, अतिरिक्त जिलाधिकारी, एसडीएम छतरपुर और विभिन्न आपातकालीन सहायता कार्यों के अधिकारियों सहित वरिष्ठ जिला प्रशासनिक अधिकारी बचाव अभियान की निगरानी के लिए घटनास्थल पर मौजूद रहे। बचाव अभियान के दौरान कुल 14 लोगों को मलबे से निकाला गया। इनमें आठ घायल हैं, जबकि छह ने अपनी चोटों के चलते दम तोड़ दिया। अधिकारियों ने बताया कि सभी फंसे लोगों का पता लगाने और मलबे में खोजबीन पूरी होने के बाद बचाव अभियान समाप्त कर दिया गया।
इमारत ढहने के वास्तविक कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। प्रशासन ने यह जांच शुरू कर दी है कि क्या संरचनात्मक कमजोरी, निर्माण कार्य या भवन निर्माण मानकों के उल्लंघन ने इस त्रासदी में भूमिका निभाई। इस बीच, दिल्ली नगर निगम (MCD) के दक्षिणी क्षेत्र के उपायुक्त के आदेश पर भवन की निगरानी में कथित लापरवाही के आरोप में सहायक अभियंता (भवन) सुदेश सिंह चौहान और कनिष्ठ अभियंता (भवन) अमन जैन को निलंबित कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने रविवार को घटनास्थल का दौरा किया और मामले की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए। मुख्यमंत्री के निर्देश पर दक्षिण जिलाधिकारी की निगरानी में जांच की जाएगी। वहीं, इस हादसे के सिलसिले में महरौली थाने में FIR दर्ज की गई है। पुलिस ने कहा कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।