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छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में सीए के घर सीबीआई ने मारा छापा

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Last Updated- May 12, 2023 | 4:28 PM IST
CBI

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने शुक्रवार को छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में एक चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) के घर पर छापेमारी की। पुलिस के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। राजधानी रायपुर से लगभग 45 किलोमीटर दूर दुर्ग कस्बे के पद्मनाभपुर इलाके में सीए सुरेश कोठारी के घर के बाहर केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवानों को देखा गया।

पुलिस अधिकारी ने बताया कि दुर्ग पुलिस को पत्र लिखकर इसकी सूचना देने के बाद सीबीआई की एक टीम ने सीए के घर की तलाशी शुरू की। उन्होंने बताया कि तलाशी किस मामले से संबंधित है, इसकी जानकारी नहीं मिली है।

अधिकारी ने कहा कि यह दुर्ग पुलिस द्वारा कोठारी के खिलाफ दर्ज एक जालसाजी मामले से जुड़ा हो सकता है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि दुर्ग पुलिस ने इस वर्ष जनवरी माह में जालसाजी करने के मामले में सुरेश कोठारी, उनकी पत्नी और बेटे के खिलाफ मामला दर्ज किया था।

उन्होंने बताया कि महावीर आवास योजना प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक ने कोठारी और अन्य आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए अदालत में एक याचिका दायर की थी।

शिकायत के अनुसार महावीर आवास कंपनी ने वित्त वर्ष 2010-11 में रजत बिल्डकॉन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के 97125 शेयर रिस्पेक्ट टी कॉम प्राइवेट लिमिटेड कोलकाता से 4,85,625 रुपये में खरीदे थे। उन्होंने कहा कि खरीद के सभी लेन-देन महावीर कंपनी के खातों में दर्ज थे, जबकि रजत बिल्डकॉन के ऑडिट किए गए दस्तावेज और वार्षिक विवरण में ये शेयर महावीर कंपनी के नाम से नहीं बल्कि महावीर कंपनी के पूर्व सह-निदेशक सुरेश कोठारी (62125 शेयर) और वैधानिक ऑडिटर सीए श्रीपाल कोठारी (35000 शेयर) के नाम से दिख रहे थे।

उन्होंने कहा कि जब शेयर खरीदे गए तो सुरेश कोठारी महावीर कंपनी के निदेशकों में से थे और उन्होंने 2018 में इस्तीफा दे दिया। अधिकारी ने कहा कि शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि सुरेश और श्रीपाल ने परिवार के तीन अन्य सदस्यों के साथ वित्तीय लाभ हासिल करने की साजिश रची और कंपनी के शेयर हासिल करने के लिए जालसाजी की, जिससे महावीर कंपनी को 80 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ। दुर्ग पुलिस इस मामले की जांच कर रही है।

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First Published - May 12, 2023 | 4:28 PM IST

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