facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

‘चीन-पाकिस्तान की चुनौतियों से निपटने को तैयार है थिएटर कमान’, CDS अनिल चौहान का बड़ा बयान

Advertisement

सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने अंतिम रिपोर्ट सौंपते हुए कहा कि भारत की नई थिएटर कमान संरचना चीन और पाकिस्तान की चुनौतियों को ध्यान में रखकर बनाई गई है

Last Updated- May 24, 2026 | 10:15 PM IST
anil chauhan
भारत के रक्षा प्रमुख (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान | फाइल फोटो

भारत के रक्षा प्रमुख (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान ने हाल ही में सरकार को अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंपते हुए कहा कि भारत की एकीकृत थिएटर कमांड योजना में जमीन पर रणनीतिक चुनौतियों और समुद्री क्षेत्र में अवसरों को ध्यान में रखा गया है।

नई दिल्ली में बिज़नेस स्टैंडर्ड के साथ विशेष साक्षात्कार में जनरल अनिल चौहान ने ऑपरेशन सिंदूर, भारत-चीन सीमा और भारत के रक्षा बजट के बारे में भी बात की।

प्रस्तावित कमांड संरचना की व्यापक श्रेणियों के बारे में पूछे जाने पर सीडीएस ने कहा, ‘भारत के भूगोल को एक इकाई के रूप में लिया जाएगा और हम इससे आगे देखेंगे।’ उन्होंने कहा, ‘दो विरोधी हैं। कुछ न कुछ तो होगा ही। समुद्री क्षेत्र में भी कुछ न कुछ होगा। ये हमारी चुनौतियों और खतरों के अनुरूप हैं।’

हालांकि सीडीएस ने विशिष्ट देश का उल्लेख नहीं किया या इस संदर्भ में विवरण प्रदान नहीं किया लेकिन बाहरी सुरक्षा विश्लेषकों का लंबे समय से मानना ​​​​है कि भारत पाकिस्तान और चीन को अपनी दो प्रमुख रणनीतिक चुनौतियों के रूप में देखता है।

जब उनसे पूछा गया कि क्या थिएटर कमांड भारत की महत्त्वाकांक्षाओं से जुड़ा है तो सीडीएस ने कहा कि देशों को क्षेत्रीय या वैश्विक शक्तियों के रूप में वर्गीकृत करने के बजाय हमें यह विचार करना चाहिए कि भारत की महाद्वीपीय और समुद्री, दोनों क्षेत्रों में जिम्मेदारियां हैं। उन्होंने कहा कि भारत इस समय समुद्री क्षेत्र में खतरों और चुनौतियों की तुलना में अवसर अधिक देखता है और महाद्वीपीय क्षेत्र में अधिक खतरे और चुनौतियां हैं। 

बातचीत में यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि भारत के पास हिंद महासागर कमान होगी या हिंद-प्रशांत कमान। लेकिन भारत क्वाड का लंबे समय से सदस्य है और देश के तात्कालिक रणनीतिक हित हिंद महासागर क्षेत्र में निहित हैं। हाल ही में भारत ने बंगाल की खाड़ी में स्थित अंडमान और निकोबार द्वीप समूह पर भी अधिक सैन्य संसाधन तैनात किए हैं। अमेरिका के पास भौगोलिक क्षेत्र और कार्यप्रणाली के आधार पर 11 कमांड और चीन के पास 5 कमांड हैं।

सीडीएस ने कहा कि अमेरिकी थिएटर कमांड की अवधारणा ‘बिल्कुल अलग’ है क्योंकि उसकी वैश्विक जिम्मेदारियों का मतलब है कि उसके सशस्त्र बलों को  अभियान भूमिका निभानी होंगी। उन्होंने कहा कि चीनी मॉडल, जिसने देश के भौगोलिक क्षेत्र को पांच कमांड में विभाजित किया है, वह भी अलग है।

सीडीएस ने कहा, ‘भारत की प्रणाली अनूठी होगी। भारत में मौजूदा क्षेत्रीय कमांड औपनिवेशिक काल में विकसित हुई थीं जब अंग्रेज भारत को नियंत्रित करना चाहते थे न कि बाहरी चुनौतियों को देखते हुए। लेकिन अब हमने इसे उलट दिया है।’

सुरक्षा पर मंत्रिमंडलीय समिति द्वारा प्रस्ताव पर कब तक मंजूरी मिलेगी, पूछे जाने पर सीडीएस ने कहा कि यह उनके कार्यकाल के दौरान आ जाना चाहिए था लेकिन ऑपरेशन सिंदूर के कारण रिपोर्ट में कुछ महीनों की देर हुई। सीडीएस जनरल चौहान 30 मई को सेवानिवृ​त्त हो रहे हैं। उनके अनुमान के मुताबिक सरकार द्वारा निर्णय लेने के दिन से नई संरचना को चालू करने में 18 महीने से 24 महीने लगने चाहिए।

सीडीएस ने कहा कि भारत के 17 मौजूदा कमांड (सेना और वायु सेना के 7-7 और नौसेना के 3) को एक साथ भंग नहीं किया जाएगा बल्कि कुछ हद तक पुनर्गठित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भारत-चीन सीमा पर वर्तमान में शांति है। दोनों पक्ष शांति और सद्भाव बनाए रखने के लिए सहमत प्रोटोकॉल का पालन कर रहे हैं। 2020 में गलवान घाटी में झड़प के बाद भारत और चीन ने अक्टूबर 2024 में समझौता किया। इसके आधार पर दोनों पक्ष अपने-अपने गश्ती अधिकारों को बहाल करने में सक्षम रहे हैं।

सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने कहा कि पूर्वी लद्दाख में देपसांग और डेमचोक में सैनिकों की वापसी हो गई है और औपचारिक सैन्य-स्तरीय वार्ता अभी भी लंबित है। पहले कूटनीतिक वार्ता की गई थी।

सीडीएस ने कहा कि 2020 की झड़प के बाद भारतीय सैनिकों को लद्दाख में हजारों की संख्या में तैनात किया गया था। ऊंचाई वाले इलाकों में कई सर्दियां बिताने के बाद वे अब ‘अच्छी तरह से व्यवस्थित’ हैं और बेहतर बुनियादी ढांचे और कनेक्टिविटी के कारण उपकरणों का रखरखाव कर सकते हैं।

सीडीएस ने पिछले साल पाकिस्तान के साथ चार दिवसीय संघर्ष में भारत की जीत का श्रेय बेहतर स्थितिजन्य जागरूकता को दिया। । 22 अप्रैल को जम्मू और कश्मीर के पहलगाम में आतंकवादी हमले के बाद पाकिस्तान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के तहत 6-7 मई को भारत ने ऑपरेशन सिंदूर अ​भियान शुरू किया गया था। भारत सरकार ने पहलगाम घटना को पाकिस्तान से जुड़ा हुआ बताया था।

सीडीएस ने यह भी कहा कि भारत का रक्षा बजट देश के सकल घरेलू उत्पाद का लगभग 2 फीसदी है और निकट भविष्य के लिए ठीक है , बशर्ते कि अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर 8 फीसदी बनी रहे और रक्षा खर्च सालाना 10 फीसदी बढ़े। उन्होंने कहा कि नई तकनीक के लिए धन अलग रखना होगा। भारत का अंतिम रक्षा बजट 7.85 लाख करोड़ रुपये था।

Advertisement
First Published - May 24, 2026 | 10:14 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement