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AI बताएगा मॉनसून की चाल, IMD ने लॉन्च किया देश का पहला स्मार्ट पूर्वानुमान मॉडल

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अब ब्लॉक स्तर तक चार हफ्ते पहले मिलेगा मॉनसून का अनुमान, किसानों को होगा बड़ा फायदा

Last Updated- May 13, 2026 | 9:32 AM IST
Monsoon 2026
Representational Image

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने मंगलवार को देश के पहले आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित मॉनसून अग्रिम पूर्वानुमान ढांचे (मॉडल) की शुरुआत की। यह मॉडल मॉनसून के आगमन का सटीक पूर्वानुमान हर बुधवार को चार सप्ताह पहले दे सकता है। जलवायु परिवर्तन के कारण मौसम का पूर्वानुमान लगाना मुश्किल होता जा रहा है जिसे देखते हुए आईएमडी की यह पहल अहम मानी जा रही है।

इसके साथ ही मौसम विभाग ने राष्ट्रीय मध्यम श्रेणी मौसम पूर्वानुमान केंद्र (एनसीएमआरडब्ल्यूएफ) द्वारा तैयार एक प्रायोगिक परियोजना (पायलट प्रोजेक्ट) की भी शुरुआत की है। यह परियोजना उन्नत एआई प्रणाली का इस्तेमाल कर उत्तर प्रदेश के लिए एक किलोमीटर ग्रिड तक के उच्च स्थानिक रिजॉल्यूशन (छोटी से छोटी वस्तुओं को स्पष्ट रूप से देखने की क्षमता) वाले वर्षा पूर्वानुमान पर आधारित है।

ये दोनों मॉडल ऐसे समय में शुरू किए हैं जब 2026 के दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के देश के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से कम रहने का अनुमान है। हालांकि, आईएमडी ने स्पष्ट किया है कि इन दोनों के बीच कोई संबंध नहीं है। मौसम विभाग ने कहा कि देश भर में अति-स्थानीय, प्रभाव-आधारित और एआई-संचालित मौसम सेवाएं प्रदान करने के उद्देश्य से विकसित किए गए ये दोनों मॉडल कृषि मंत्रालय के मार्गदर्शन में तैयार किए गए हैं और इन्हें कृषि मंत्रालय द्वारा विकसित एपीआई और एग्रीस्टैक प्लेटफॉर्म के माध्यम से किसानों तक पहुंचाया जाएगा।

पृथ्वी विज्ञान मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने दो मॉडल शुरू करने के अवसर पर संवाददाताओं से कहा,‘प्रखंड (ब्लॉक) स्तर का मॉनसून के सक्रिय होने का पूर्वानुमान मॉडल मौजूदा संख्यात्मक मॉडलों को एआई के साथ जोड़कर मॉनसून की प्रगति का संभावित पूर्वानुमान प्रत्येक बुधवार को चार सप्ताह पहले तक देता है मगर इसमें चार दिनों का विचलन हो सकता है।’ अग्रिम प्रखंड स्तर पूर्वानुमान प्रणाली वर्तमान में 15 राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में फैले 3196 प्रखंडों तक पहुंचेगी जो मुख्य रूप से देश के वर्षा आधारित क्षेत्रों में स्थित हैं।

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First Published - May 13, 2026 | 9:32 AM IST

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