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India-China Border Tensions: चीन सीमा पर नजर, एलएसी पर सतर्कता जरूरी- सेना प्रमुख

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सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा कि भारत-चीन एलएसी पर हालात धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं और सीमा पर सतर्कता और बुनियादी ढांचे का निर्माण जारी रहेगा।

Last Updated- January 14, 2026 | 7:46 AM IST
India China
Representative Image

सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने मंगलवार को कहा कि देश की उत्तरी सीमाएं इस समय स्थिर हैं, लेकिन उन पर लगातार सतर्कता बरतने की आवश्यकता है।

जनरल द्विवेदी ने 15 जनवरी को मनाए जाने वाले सेना दिवस से पहले नई दिल्ली में कहा, ‘भारत और चीन की सेनाओं के बीच जूनियर से लेकर वरिष्ठ स्तर तक लगातार बातचीत और राजनयिक स्तर पर विश्वास बहाली के उपायों से वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर गश्त और पशु चराने जैसी गतिविधियां धीरे-धीरे सामान्य हो रही हैं।

गलवान नदी घाटी में 2020 में हुई हिंसक झड़प के बाद भारत और चीन के बीच एलएसी पर सेना की गश्त और चरवाहों की आवाजाही बाधित हो गई थी। सैनिकों की झड़प में दोनों पक्षों के 24 सैनिक मारे गए थे।

इसके बाद दोनों ही देशों के लाखों सैनिक सीमा पर आमने-सामने आ गए थे। जनरल द्विवेदी ने कहा, ‘एलएसी के साथ हमारी सेना की तैनाती संतुलित और मजबूत बनी हुई है।’ हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि अभी कितने भारतीय या चीनी सैनिक वहां मौजूद हैं। अक्टूबर 2024 में रूस में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग के बीच हुई बैठक के बाद एलएसी से सैनिकों की वापसी शुरू हुई थी।

उन्होंने कहा, ‘विशेष प्रतिनिधियों (भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और चीनी विदेश मंत्री) के बीच जैसी द्विपक्षीय बैठकों के माध्यम से हम दोनों सेनाओं में विश्वास बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं।’ जनरल द्विवेदी ने कहा कि भारत इस साल सीमा पर बुनियादी ढांचे का निर्माण जारी रखेगा।

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First Published - January 14, 2026 | 7:46 AM IST

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