facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

मध्य प्रदेश में ग्रामीण विकास को लगेंगे पंख: नाबार्ड ने FY27 के लिए ₹3.75 लाख करोड़ के ऋण का दिया लक्ष्य

Advertisement

नाबार्ड द्वारा मध्य प्रदेश के प्राथमिकता क्षेत्रों के लिए ऋण क्षमता में 20 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान लगाया गया है

Last Updated- January 30, 2026 | 8:18 PM IST
NABARD

कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) ने मध्य प्रदेश के प्राथमिकता क्षेत्र में वर्ष 2026-27 के लिए 3.75 लाख करोड़ रुपये की ऋण क्षमता का अनुमान प्रस्तुत किया है, जो पिछले वर्ष के 3.13 लाख करोड़ रुपये से लगभग 20 प्रतिशत अधिक है।

भोपाल में आयोजित राज्य ऋण संगोष्ठी में नाबार्ड द्वारा प्रस्तुत स्टेट फोकस पेपर के अनुसार, अनुमानित 3.75 लाख करोड़ रुपये की ऋण क्षमता में से अधिकतम 2.08 लाख करोड़ रुपये कृषि क्षेत्र के लिए, 1.46 लाख करोड़ रुपये सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) के लिए तथा शेष 20,371 करोड़ रुपये निर्यात ऋण, शिक्षा, आवास, सामाजिक अधोसंरचना, नवीकरणीय ऊर्जा और अन्य प्राथमिकता क्षेत्रों के लिए आंके गए हैं।

Also Read: पंजाब-हरियाणा में पराली जलाने की घटनाएं घटीं, लेकिन मध्य प्रदेश नया हॉटस्पॉट बनकर उभरा

संगोष्ठी को संबोधित करते हुए मध्य प्रदेश के सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग ने राज्य के कृषि और ग्रामीण विकास क्षेत्रों में नाबार्ड के योगदान की सराहना की और हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया। सारंग ने कहा, ‘पिछले वर्ष सरकार ने राज्य के छह सहकारी बैंकों को 50-50 करोड़ रुपये की राशि दी ताकि वे आर्थिक संकट से उबर सकें। सरकार की योजना अगले दो वर्षों में उनकी आर्थिक दुर्बलता (एनपीए समाप्त करने) को दूर करने की है।’

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के लक्ष्य को पूरा करने में ग्रामीण अर्थव्यवस्था की बहुत अहम भूमिका है और नाबार्ड तथा राज्य के सहकारी बैंक ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होंगे।

इस अवसर पर नाबार्ड मध्य प्रदेश की मुख्य महाप्रबंधक सी. सरस्वती ने किसानों की उत्पादकता बढ़ाने, एग्री-टेक नवाचारों को प्रोत्साहित करने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने में संस्थागत ऋण की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला।

Advertisement
First Published - January 30, 2026 | 8:11 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement