Mango Fest Bhopal: राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) का बहुप्रतीक्षित आम महोत्सव यानी मैंगो फेस्टिवल गुरुवार को राजधानी भोपाल में शुरू हुआ। यह महोत्सव नाबार्ड की वाड़ी परियोजना से जुड़े आदिवासी किसानों को बाजार मुहैया कराने और उनके उत्पादों को सीधे ग्राहकों तक पहुंचाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है। महोत्सव आगामी 8 जून तक चलेगा।
नाबार्ड की मुख्य महाप्रबंधक सी. सरस्वती ने कहा, ‘इस महोत्सव में प्रदेश के कई जिलों के आदिवासी किसान शामिल हो रहे हैं। यह आयोजन किसानों को नवाचार अपनाने, बाजार पहुंच और बेहतर कीमत पाने में मदद करता है।’
महोत्सव में आम की कई ‘आम’ और खास किस्में लोगों के लिए उपलब्ध हैं। इनमें आम्रपाली, दशहरी, लंगड़ा, केसर, चौसा, नीलम, मल्लिका, तोतापुरी, राजापुरी, सुंदरजा और नूरजहां आदि प्रमुख हैं। उल्लेखनीय है कि महोत्सव में आए सभी आम कार्बाइड मुक्त और ऑर्गेनिक ढंग से पकाए गए हैं।
जीआई टैग वाला सुंदरजा
महोत्सव में सुंदरजा आम की खास मांग देखी जा रही है। मध्य प्रदेश के रीवा जिले के सुंदरजा आम को जीआई टैग भी हासिल है। विटामिन सी की प्रचुरता और लो ग्लाइसीमिक इंडेक्स वाले इस आम को डायबिटीज के मरीजों के लिए अच्छा माना जाता है। हालांकि सुंदरजा की खेती करने वाले किसान भूपेंद्र सिंह के मुताबिक इस वर्ष मौसम की मार ने सुंदरजा की फसल को बहुत हद तक प्रभावित किया है।
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आमों की रानी नूरजहां
आमों की रानी के नाम से मशहूर नूरजहां आम मध्य प्रदेश के आलीराजपुर जिले में उत्पादित होने वाला एक अत्यंत दुर्लभ आम है। इस किस्म का नाम मुगल रानी बेगम नूरजहां के नाम पर है। करीब दो से चार किलो तक के एक फल वाला नूरजहां अपने आकार के कारण विशेष पहचान रखता है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मध्य प्रदेश के सहकारिता तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि आम उत्पादन और सहकारिता को बढ़ावा देकर किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि की जा सकती है।
