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कैबिनेट का बड़ा फैसला, नागपुर एयरपोर्ट बनेगा वर्ल्ड क्लास हब; यात्रियों को मिलेंगी नई सुविधाएं

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कैबिनेट ने नागपुर एयरपोर्ट के बड़े आधुनिकीकरण और PPP मॉडल के तहत 30 साल की निजी भागीदारी को मंजूरी दी, जिससे यह वर्ल्ड क्लास हब बनेगा।

Last Updated- May 13, 2026 | 5:26 PM IST
Cabinet Greenlights Nagpur Airport Modernisation for World-Class Infrastructure Boost
Representative image

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट बैठक में नागपुर के डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के बड़े स्तर पर उन्नयन और आधुनिकीकरण को मंजूरी दे दी गई है। इसके तहत एयरपोर्ट को सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल के तहत विकसित किया जाएगा, जिससे इसे एक बड़े क्षेत्रीय एविएशन हब के रूप में तैयार किया जाएगा।

कैबिनेट ने यह भी मंजूरी दी है कि Airports Authority of India की जमीन, जिसे MIHAN India Limited को लीज पर दिया गया है, उसकी अवधि को 6 अगस्त 2039 के बाद भी बढ़ाया जाएगा।

इस फैसले का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि लीज अवधि, एयरपोर्ट संचालन की 30 साल की रियायत अवधि के साथ समान (co-terminus) रहे। इससे परियोजना के संचालन और विकास में किसी तरह की कानूनी या प्रशासनिक बाधा न आए।

GMR को मिला संचालन का जिम्मा

नागपुर एयरपोर्ट के संचालन और विकास की जिम्मेदारी अब GMR Airports Limited से जुड़ी कंपनी GMR Nagpur International Airport Limited (GNIAL) को दी गई है।

GNIAL को 30 वर्षों के लिए एयरपोर्ट के संचालन, विस्तार और आधुनिकीकरण का अधिकार मिलेगा। यह कदम सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद अंतिम रूप से आगे बढ़ा है।

MIHAN परियोजना से जुड़ा महत्व

यह एयरपोर्ट नागपुर स्थित महत्वाकांक्षी MIHAN India Limited (मिहान) परियोजना का अहम हिस्सा है, जिसका लक्ष्य क्षेत्र को एक बड़े मल्टी-मोडल इंटरनेशनल कार्गो हब और औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित करना है।

कैसे शुरू हुआ पूरा मामला

  • 2009 में Airports Authority of India और महाराष्ट्र एयरपोर्ट डेवलपमेंट कंपनी के बीच संयुक्त उद्यम कंपनी बनाई गई थी
  • इसका नाम MIHAN India Limited रखा गया
  • एयरपोर्ट की संपत्तियों को इसी कंपनी को संचालन के लिए सौंपा गया
  • लीज डीड में देरी के कारण जमीन से जुड़े मुद्दे लंबे समय तक लंबित रहे

निजी भागीदारी से विकास की नई योजना

2016 में एयरपोर्ट संचालन के लिए वैश्विक टेंडर जारी किया गया था। इसमें GMR Airports Limited सबसे बड़ी बोलीदाता कंपनी के रूप में सामने आई।

हालांकि बाद में टेंडर प्रक्रिया रद्द कर दी गई थी, जिसे कानूनी चुनौती के बाद सुप्रीम कोर्ट ने GMR के पक्ष में माना। इसके बाद 8 अक्टूबर 2024 को नई कंपनी GMR Nagpur International Airport Limited के साथ औपचारिक समझौता किया गया।

नागपुर एयरपोर्ट का भविष्य

नई योजना के तहत एयरपोर्ट को चरणबद्ध तरीके से विकसित किया जाएगा ताकि इसकी क्षमता बढ़कर लगभग 3 करोड़ यात्रियों प्रति वर्ष तक पहुंच सके।

इसके साथ ही कार्गो सेवाओं में भी बड़ा विस्तार किया जाएगा, जिससे विदर्भ क्षेत्र की कनेक्टिविटी और आर्थिक गतिविधियों को मजबूती मिलेगी।

सरकार का मानना है कि निजी क्षेत्र की दक्षता और सरकारी निगरानी के साथ यह परियोजना नागपुर एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय स्तर का आधुनिक हवाई अड्डा बनाएगी और पूरे मध्य भारत में विकास को नई गति देगी।

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First Published - May 13, 2026 | 5:26 PM IST

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