facebookmetapixel
Advertisement
M&M का EV प्लान! सिर्फ नई कार नहीं, पूरी फैक्ट्री बदल रही कंपनीराज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिका

Ola के CEO भाविश अग्रवाल का बयान: भारतीय बाजार में निवेश न करना खुद Tesla का नुकसान

Advertisement

Tesla की ग्लोबल सेल्स इस तिमाही में लगातार दूसरी बार कम हुई है और उसे चीन से कड़ा कंपटीशन मिल रहा है।

Last Updated- July 05, 2024 | 4:03 PM IST
भारत में OLA का बोलबाला, Uber काफी पीछे, Uber way behind Ola in India: Bhavish Aggarwal responds to Khosrowshahi

ओला कैब्स के CEO भाविश अग्रवाल ने कहा कि भारतीय बाजार में निवेश न करने का टेस्ला का फैसला अमेरिका की इस कंपनी के लिए एक बड़ा नुकसान है, भारत के लिए नहीं। X (जिसे पहले ट्विटर कहा जाता था) पर एक पोस्ट में अग्रवाल ने कहा, “अगर यह सच है, तो यह टेस्ला का नुकसान है, भारत का नहीं।”

“हालांकि भारत में इलेक्ट्रिक वाहन और लिथियम का क्षेत्र अभी शुरुआती दौर में है, लेकिन हम तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। जब टेस्ला कुछ सालों बाद फिर से भारत को गंभीरता से देखेगी, तब तक बहुत देर हो चुकी होगी।”

ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के अनुसार, टेस्ला ने भारतीय अधिकारियों की पूछताछ (inquiries) का जवाब नहीं दिया है और अब उम्मीद नहीं है कि वह भारत में निवेश करेगी। यह खबर ईलॉन मस्क के भारत दौरे को टालने के बाद आई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि टेस्ला की आर्थिक चुनौतियों के कारण कंपनी भारत में और निवेश की योजना नहीं बना रही है।

टेस्ला की ग्लोबल सेल्स इस तिमाही में लगातार दूसरी बार कम हुई है और उसे चीन से कड़ा कंपटीशन मिल रहा है। इसके अलावा, कंपनी ने नौकरियों में कटौती की घोषणा की है, अपने मुख्य साइबरट्रक स्टॉल को बेच दिया है, और मेक्सिको में अपने प्लांट के निर्माण को टाल दिया है।

रिपोर्ट में सुझाव दिया गया है कि अब सरकार भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) के उत्पादन को बढ़ाने के लिए महिंद्रा एंड महिंद्रा और टाटा मोटर्स जैसी घरेलू कंपनियों पर ध्यान दे सकती है। अप्रैल में, मस्क ने भारत की यात्रा रद्द कर दी थी, जहां वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने वाले थे। माना जा रहा है कि यह यात्रा कंपनी में जरूरी कामों के कारण रद्द हुई।

इस साल मार्च में, भारत सरकार ने 41.5 अरब रुपये (500 मिलियन डॉलर) की इलेक्ट्रिक वाहन नीति को मंजूरी दी थी। इस नीति में वैश्विक ईवी निवेश को आकर्षित करने और भारत को एडवांस ईवी के लिए एक बड़ा निर्माण केंद्र बनाने के लिए कई प्रोत्साहन दिए गए हैं।

Advertisement
First Published - July 5, 2024 | 4:03 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement