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AAP सांसद राघव चड्ढा नहीं छोड़ना चाहते बड़ा बंगला, निचली अदालत के फैसले को हाईकोर्ट में दी चुनौती

निचली अदालत ने कहा कि चड्ढा को अंतरिम राहत दी गई थी कि उन्हें कानूनी प्रक्रिया के बिना आवास से बेदखल नहीं किया जाएगा।

Last Updated- October 10, 2023 | 12:20 PM IST
Raghav Chadha

आम आदमी पार्टी (आप) के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा अपने बड़े बंगले को खाली नहीं करना चाहते हैं। ऐसे में वह टाइप-7 बंगले को लेकर दिल्ली की एक निचली अदालत के फैसले के खिलाफ मंगलवार को हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाने पहुंच गए।  इस याचिका को मुख्य न्यायाधीश सतीश चंद्र शर्मा और न्यायमूर्ति संजीव नरुला की पीठ के समक्ष सुनवाई के लिए पेश किया गया जो इसे सूचीबद्ध करने पर राजी हो गई। सुनवाई बुधवार को होगी।

चढ्ढा के वकील ने कहा- खाली हो रहा बंगला

चड्ढा की वकील ने कहा कि संसद सदस्य को एक नोटिस दिया गया और बंगला खाली कराने की कार्यवाही जारी है। उन्होंने इससे पहले कहा कि निचली अदालत की ओर से रोक लगाई गई थी लेकिन इसे अब हटा लिया गया है।

क्या था निचली अदालत का फैसला?

निचली अदालत ने पांच अक्टूबर को आदेश दिया था कि ‘आप’ नेता राघव चड्ढा यह दावा नहीं कर सकते कि आवंटन रद्द होने के बाद भी उन्हें राज्यसभा सदस्य के रूप में अपने पूरे कार्यकाल के दौरान सरकारी बंगले पर कब्जा कायम रखने का पूर्ण अधिकार है।

अदालत ने 18 अप्रैल को पारित उस अंतरिम आदेश को रद्द करते हुए यह टिप्पणी की जिसमें राज्यसभा सचिवालय को चड्ढा को सरकारी बंगले से बेदखल नहीं करने का निर्देश दिया गया था। निचली अदालत ने कहा कि चड्ढा को अंतरिम राहत दी गई थी कि उन्हें कानूनी प्रक्रिया के बिना आवास से बेदखल नहीं किया जाएगा।

First Published - October 10, 2023 | 12:20 PM IST

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