कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक और कर्नाटक प्रशासनिक सुधार आयोग के अध्यक्ष आर. वी. देशपांडे ने बुधवार को कहा कि मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने उनसे कहा है कि उन्होंने इस्तीफा देने का फैसला कर लिया है। मुख्यमंत्री के आवास पर उनसे मुलाकात करने वाले पूर्व मंत्री देशपांडे ने बताया कि जब कुछ विधायकों ने सिद्धरमैया से इस्तीफा न देने का आग्रह किया, तो मुख्यमंत्री ने जवाब दिया कि उन्होंने आलाकमान को जुबान दी है और वह इसका सम्मान करेंगे।
सूत्रों के मुताबिक, कई मंत्रियों और विधायकों ने सिद्धरमैया के आवास पर उनसे मुलाकात की और चर्चा की। उन्होंने मुख्यमंत्री से इस्तीफा न देने का आग्रह किया और कहा कि वे इस मामले पर पार्टी आलाकमान से बात करेंगे। कुछ नेताओं ने इस मुद्दे पर विधायक दल की बैठक में चर्चा करने का भी सुझाव दिया, लेकिन सिद्धरमैया ने ऐसे किसी भी सुझाव पर सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं दी। देशपांडे ने कहा कि मैं मुख्यमंत्री के साथ था और सिद्धरमैया ने कहा, ‘मैंने इस्तीफा देने का फैसला किया है।’ मैंने उनसे यह नहीं पूछा कि वह इस्तीफा क्यों दे रहे हैं। हमने उन्हें मनाने की कोशिश की और कहा कि आप पद पर क्यों नहीं बने रहते?’
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री गुरुवार या उसके अगले दिन इस्तीफा दे सकते हैं। उन्होंने कहा, ‘हमने कहा कि यह फैसला हमारे लिए आश्चर्यजनक है, लेकिन उन्होंने कहा, ‘नहीं, मैंने इस्तीफा देने का फैसला किया है।’ वहां मौजूद विधायक चाहते थे कि वह पद पर बने रहें, लेकिन उन्होंने कहा कि वह आलाकमान को वचन दे चुके हैं और उसका सम्मान करेंगे। मैंने उनसे कहा कि अगर वह बने रहें तो बेहतर होगा, लेकिन उन्होंने कहा कि वह आलाकमान के प्रति प्रतिबद्ध हैं और इस्तीफा दे रहे हैं।’
इस बीच, कर्नाटक में मुख्यमंत्री बदलने की अटकलों के बीच कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि पार्टी ने विधायक दल की कोई बैठक नहीं बुलाई है। राज्य के प्रभारी एआईसीसी महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला ने मीडिया से इस मुद्दे पर कयास न लगाने की अपील की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपने नेतृत्व संबंधी मामलों पर निर्णय लेने में सक्षम है और पार्टी कोई भी निर्णय लिए जाने पर जनता को सूचित करेगी।
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने बुधवार को दावा किया कि उनकी सरकार ने राज्य की जनता से किए गए सभी वादे पूरे किए हैं। अपनी सरकार के 20 मई को तीन साल पूरे होने पर सिद्धरमैया ने इस बात पर जोर दिया कि उनकी सरकार के तीन वर्ष के शासन में ‘नव कर्नाटक’ का लक्ष्य हासिल कर लिया गया। सिद्धरमैया के कार्यालय ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर ‘नव कर्नाटक के तीन वर्ष’ शीर्षक के साथ संदेश पोस्ट किया।