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कुछ बेरोजगार युवा ‘कॉकरोच’ की तरह, जो व्यवस्था पर हमला करते हैं: CJI सूर्यकांत

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न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने कहा कि कुछ युवा कॉकरोच की तरह होते हैं, जिन्हें न कोई रोजगार मिलता है और न ही किसी पेशे में उनका कोई स्थान होता है

Last Updated- May 15, 2026 | 10:17 PM IST
Justice Surya Kant
प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत | फाइल फोटो

प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत ने कुछ बेरोजगार युवाओं की तुलना कॉकरोच से करते हुए शुक्रवार को कहा कि वे आगे चलकर मीडिया, सोशल मीडिया और आरटीआई कार्यकर्ता बन जाते हैं और फिर व्यवस्था पर हमला शुरू कर देते हैं। सीजेआई सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जयमाल्या बागची के पीठ ने वरिष्ठ अधिवक्ता का दर्जा हासिल करने के लिए प्रयासरत रहने पर एक वकील को फटकार लगाते हुए यह टिप्पणी की। 

पीठ ने याची वकील से कहा, ‘पूरी दुनिया वरिष्ठ अधिवक्ता बनने की पात्र हो सकती है, लेकिन कम से कम आप इसके पात्र नहीं हैं।’

सीजेआई ने नाराजगी जताते हुए कहा कि यदि दिल्ली उच्च न्यायालय याची को वरिष्ठ अधिवक्ता का दर्जा प्रदान भी कर दे, तो शीर्ष अदालत उसके पेशेवर आचरण को देखते हुए उसे रद्द कर देगी। सीजेआई ने फेसबुक पर याची द्वारा इस्तेमाल की गई भाषा का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा, ‘समाज में पहले से ही ऐसे परजीवी हैं जो व्यवस्था पर हमला करते हैं और आप उनके साथ जुड़ना चाहते हैं?’

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न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने कहा, ‘कुछ युवा कॉकरोच की तरह होते हैं, जिन्हें न कोई रोजगार मिलता है और न ही किसी पेशे में उनका कोई स्थान होता है। उनमें से कुछ मीडिया के क्षेत्र में जाते हैं, कुछ सोशल मीडिया कार्यकर्ता बनते हैं, कुछ सूचना का अधिकार (आरटीआई) कार्यकर्ता और अन्य कार्यकर्ता बन जाते हैं और फिर वे हर किसी पर हमला करना शुरू कर देते हैं।’ 

सोमवार, शुक्रवार ऑनलाइन सुनवाई 

उच्चतम न्यायालय ने कहा है कि सोमवार और शुक्रवार को मामलों की सुनवाई सिर्फ वीडियो कॉन्फ्रेंस से होगी। साथ ही, न्यायाधीशों ने ईंधन की बचत के लिए आपस में ‘कार-पूलिंग’ की व्यवस्था को प्रोत्साहित करने का सर्वसम्मति से संकल्प लिया। 

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First Published - May 15, 2026 | 10:15 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

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