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योगी सरकार का बड़ा प्लान: मक्का खेती बढ़ाने को ₹150 करोड़, 15 जून से MSP खरीद

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प्रदेश सरकार ने 2027 तक मक्के की खेती का रकबा 10 लाख हेक्टेयर तक करने की योजना बनाई है जबकि उत्पादन 32 लाख टन किया जाएगा

Last Updated- June 07, 2026 | 8:22 PM IST
Corn production

बढ़ती घरेलू खपत और एथेनॉल बनाने में उपयोग को देखते हुए उत्तर प्रदेश की योगी सरकार मक्का की खेती का रकबा बढ़ाने की योजना पर काम कर रही है। प्रदेश सरकार की योजना अगले साल तक 10 लाख हेक्टेयर में मक्का पैदा करने की है।

मक्का खेती बढ़ाने को ₹150 करोड़ का बजट

योगी सरकार की मक्का विकास कार्यक्रम के तहत प्रदेश के सभी 75 जिलों में किसानों को इसकी खेती के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। मक्के की खेती को आगे बढ़ाने के इस कार्यक्रम के लिए योगी सरकार ने 150 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है। अभी प्रदेश के चार दर्जन जिलों में सबसे ज्यादा मक्का की खेती की जा रही है। प्रदेश सरकार ने 2027 तक मक्के की खेती का रकबा 10 लाख हेक्टेयर तक करने की योजना बनाई है जबकि उत्पादन 32 लाख टन किया जाएगा। वर्तमान में 8.32 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में मक्के की खेती की जा रही है और इस बार 21.2 लाख टन उत्पादन की उम्मीद है।

कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि मक्के का प्रयोग एथेनॉल के उत्पादन में किया जा रहा है जिसके चलते न केवल किसानों को दाम अच्छे मिल रहे हैं बल्कि इसका रकबा भी बढ़ रहा है। फिलहाल प्रदेश में सबसे ज्यादा 80,000 हेक्टेयर में सोनभद्र जिले में मक्के की खेती की जा रही है।

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15 जून से MSP पर होगी मक्का खरीद

मक्के की खेती को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से योगी सरकार गेंहू और धान की तरह इसकी सरकारी खरीद कर रही है। बीते सप्ताह हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में मक्का खरीद नीति को मंजूरी दी गई है। इसके तहत 15 जून से 31 जुलाई तक 25 जिलों में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर मक्के की खरीद की जाएगी। प्रदेश सरकार के प्रवक्ता के मुताबिक खरीदे गए मक्का का मूल्य यथासंभव 48 घंटे के भीतर किसानों को हस्तांतरित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि सरकार ने मक्का का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2,400 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है।

25 जिलों में बनेंगे 150 खरीद केंद्र

इसके लिए फिरोजाबाद, आगरा, मैनपुरी, अलीगढ़, कासगंज, हाथरस, एटा, बदायूं, शाहजहांपुर, रामपुर, संभल, बुलंदशहर, हापुड़, कानपुर नगर, औरैया, इटावा, कन्नौज, फर्रुखाबाद, हरदोई, उन्नाव, बहराइच, बलिया, गोंडा, फतेहपुर और मिर्जापुर कुल 25 जनपदों में 150 खरीद केंद्र स्थापित किए जाएंगे। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के लिए प्रदेश में 25 हजार टन मक्का खरीद का कार्यकारी लक्ष्य निर्धारित किया गया है। किसानों से खरीद कंप्यूटरीकृत सत्यापित खतौनी, आधार कार्ड एवं फोटोयुक्त पहचान पत्र के आधार पर की जाएगी।

इसके साथ ही भूमि और बोए गए रकबे का सत्यापन भूलेख पोर्टल से ऑनलाइन कराया जाएगा। योगी सरकार ने किसानों को त्वरित भुगतान सुनिश्चित करने के लिए व्यवस्था की है कि क्रय एजेंसियों द्वारा खरीदे गए मक्का का मूल्य पीएफएमएस पोर्टल के माध्यम से किसानों के आधार लिंक एवं एनपीसीआई मैप्ड बैंक खातों में यथासंभव 48 घंटे के भीतर हस्तांतरित किया जाएगा।

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First Published - June 7, 2026 | 8:22 PM IST

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