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Weather Forecast: मई में बढ़ेगा गर्मी का कहर! कई राज्यों में लंबे समय तक चलेगी लू, IMD की चेतावनी

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Weather Update: मई में देश के कई हिस्सों में लू लंबे समय तक चल सकती है, जबकि सामान्य से अधिक बारिश की भी संभावना जताई गई है।

Last Updated- May 02, 2026 | 9:28 AM IST
Weather Forecast
Representative image

Weather Forecast: अप्रैल में मौसम में उतार-चढ़ाव देखने के बाद मई में गर्मी खूब सताएगी और लोगों को अधिक समय तक लू का सामना करना पड़ सकता है। मौसम विभाग ने अपने मासिक पूर्वानुमान में शुक्रवार को कहा कि मई में हिमालय की तलहटी, पूर्वी तटीय राज्यों, गुजरात और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में सामान्य से अधिक दिन तक लू चल सकती हैं। दूसरी ओर, इस दौरान वर्षा भी ज्यादा होने की संभावना है।

मौसम विभाग के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने कहा कि मॉनसून अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 14 से 16 मई के बीच पहुंच सकता है। मौसम विभाग ने यह भी बताया कि मई के दौरान पूरे देश में सामान्य से अधिक वर्षा होने की बहुत ज्यादा संभावना है और यह दीर्घकालिक औसत के 110 प्रतिशत से अधिक तक हो सकती है। मई माह के लिए बारिश का एलपीए यानी दीर्घाकालिक औसत 64.1 मिलीमीटर है।

महापात्र ने एक बयान में कहा, ‘इस वर्ष मई के दौरान देश के कई हिस्सों में न्यूनतम तापमान सामान्य से अधिक रहने की उम्मीद है, लेकिन देश के उत्तर-पश्चिम हिस्से, मध्य भारत के कुछ क्षेत्रों और प्रायद्वीपीय इलाकों एवं पूर्वोत्तर के दक्षिणी हिस्सों में न्यूनतम तापमान सामान्य से कम रहने की संभावना है।’  पूर्वी, पूर्वोत्तर और पूर्वी मध्य भारत के कुछ हिस्सों में तो बारिश सामान्य से कम होगी, लेकिन शेष भारत में इसके सामान्य से अधिक रहने की पूरी संभावना है। मौसम विभाग का कहना है कि इस समय भूमध्यरेखीय प्रशांत क्षेत्र में तापमान और हवा का दबाव सामान्य बना हुआ है, जो धीरे-धीरे अल-नीनो की ओर बढ़ रहा है। अल-नीनो एक ऐसी स्थिति होती है, जिसमें प्रशांत महासागर के मध्य हिस्से का पानी समय-समय पर गर्म हो जाता है। इससे बारिश का पैटर्न प्रभावित होता है। विभाग का कहना है कि मॉनसून के ताजा पूर्वानुमान दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के मौसम के दौरान अल नीनो की स्थिति बनने की ओर संकेत कर रहे हैं।

मौसम विभाग ने यह भी कहा कि अप्रैल में देश के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से कम रहा, लेकिन दक्षिण प्रायद्वीपीय क्षेत्रों में यह सामान्य से ऊपर दर्ज किया गया। इस दौरान देश में सात पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय हुए।

(साथ में एजेंसियां)

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First Published - May 2, 2026 | 8:49 AM IST

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