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360 ONE MF ने पेश किया DynaSIF इक्विटी एक्स-टॉप 100 लॉन्ग-शॉर्ट फंड, मिड और स्मॉल-कैप शेयरों पर फोकस

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भारत का मिड और स्मॉल-कैप सेगमेंट लंबी अवधि के निवेश के लिए एक मजबूत अवसर देता है। इसकी वजह बेहतर कमाई की संभावना और कंपनियों के कॉरपोरेट गवर्नेंस में सुधार है

Last Updated- June 04, 2026 | 3:36 PM IST
Kotak Infinity Hybrid Long-Short Fund

NFO Alert: 360 वन म्युचुअल फंड ने गुरुवार को अपने स्पेशलाइज्ड इन्वेस्टमेंट फंड (SIF) सेगमेंट के तहत नया ‘DynaSIF Equity Ex-Top 100 Long-Short Fund’ लॉन्च करने की घोषणा की है। यह एक ओपन-एंडेड इक्विटी रणनीति आधारित फंड होगा, जिसका उद्देश्य लॉन्ग-टर्म में कैपिटल ग्रोथ हासिल करना है। यह फंड मुख्य रूप से मिड-कैप और स्मॉल-कैप शेयरों में स्ट्रक्चरल, साइक्लिकल और टैक्टिकल निवेश अवसरों पर फोकस करेगा। साथ ही, यह लार्ज कैप शेयरों को छोड़कर अन्य इक्विटी में डेरिवेटिव्स के जरिए सीमित शॉर्ट पोजिशन लेने की भी सुविधा देगा। इस न्यू फंड ऑफर (NFO) की सब्सक्रिप्शन अवधि 5 जून 2026 से शुरू होकर 19 जून 2026 तक चलेगी।

DynaSIF Equity Ex-Top 100 Long-Short Fund की डिटेल 

फंड का नाम: डायना एसआईएफ इक्विटी एक्स-टॉप 100 लॉन्ग-शॉर्ट फंड

फंड टाइप: इक्विटी लॉन्ग-शॉर्ट फंड

NFO ओपन डेट: 5 जून 2026

NFO क्लोजिंग डेट: 19 जून 2026

मिनिमम निवेश: ₹10 लाख और उसके बाद ₹1 के मल्टीपल में निवेश। (अक्रीडिटेड निवेशकों के लिए न्यूनतम ₹1,00,000)

एग्जिट लोड: आवंटन की तारीख से 3 महीने के भीतर रिडेम्प्शन पर 0.5% शुल्क, उसके बाद कोई शुल्क नहीं

बेंचमार्क: BSE 500 TRI

रिस्क लेवल: रिस्क बैंड 3

फंड मैनेजर: मयूर पटेल, हर्ष अग्रवाल, मिलन मोदी और प्रणव मिसे (को-फंड मैनेजर)

Also Read: SIF स्पेस में HSBC MF की दस्तक, लॉन्च किया रेडहेक्स हाइब्रिड लॉन्ग-शॉर्ट फंड; किसे करना चाहिए निवेश? 

मिड-कैप और स्मॉल-कैप शेयरों पर दांव क्यों?

फंड हाउस का कहना है कि भारत का मिड और स्मॉल-कैप सेगमेंट लंबी अवधि के निवेश के लिए एक मजबूत अवसर देता है। इसकी वजह बेहतर कमाई की संभावना और कंपनियों के कॉरपोरेट गवर्नेंस में सुधार है। इस मौके का सही फायदा उठाने के लिए अच्छे शेयर चुनने का एक अनुशासित तरीका और एक्टिव रिस्क मैनजमेंट जरूरी है। इसमें डेरिवेटिव्स के जरिए जरूरत पड़ने पर शॉर्ट पोजीशन लेकर अलग-अलग बाजार परिस्थितियों में अतिरिक्त रिटर्न कमाने की भी सुविधा होती है।

360 वन एसेट मैनेजमेंट के सीईओ राघव अयंगर ने कहा, “भारत का मिड और स्मॉल-कैप सेगमेंट आज दुनिया के सबसे अच्छे निवेश अवसरों में से एक है। यह सेगमेंट बड़ा, डायवर्स और मजबूत विकास कारकों से जुड़ा हुआ है। लेकिन यह ऐसा सेगमेंट भी है जहां सिर्फ भरोसा ही नहीं, बल्कि अनुशासन भी उतना ही जरूरी और फायदेमंद है।”

फंड की इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजी क्या होगी?

इस फंड का मकसद एक्टिव मैनेजमेंट के जरिए मिड और स्मॉल-कैप शेयरों में निवेश करके लॉन्ग टर्म में कैपिटल ग्रोथ हासिल करना है। पोर्टफोलियो का कम से कम 65% हिस्सा उन कंपनियों में लगाया जाएगा जो मार्केट कैप के हिसाब से टॉप 100 से बाहर हैं। कमजोर बाजार स्थितियों में नुकसान को कम करने के लिए यह स्ट्रैटेजी डेरिवेटिव्स के जरिए हेजिंग का इस्तेमाल भी करेगी।

360 वन एसेट मैनेजमेंट के को-फाउंडर और CIO अनुप माहेश्वरी ने कहा, “टॉप 100 कंपनियों के बाहर के यूनिवर्स में एक्टिव मैनजमेंट को ज्यादा अवसर मिलते हैं, जहां लॉन्ग और शॉर्ट दोनों तरफ से मौके बन सकते हैं। कोई कंपनी जो तेजी से अपनी कमाई बढ़ा रही है, वह कभी-कभी कम आंकी जा सकती है, जबकि जो कंपनी अपनी प्रतिस्पर्धी बढ़त खो रही है, वह जरूरत से ज्यादा वैल्यूएशन पर हो सकती है। यह फंड दोनों तरह के अवसरों को पकड़ने के लिए बनाया गया है। अच्छा प्रदर्शन करने वाली कंपनियों में लॉन्ग पोजीशन लेकर उनकी ग्रोथ का फायदा उठाना, और कमजोर होती कंपनियों में शॉर्ट पोजीशन लेकर संभावित गिरावट से लाभ कमाना। इन दोनों स्ट्रैटेजीज का उद्देश्य मिलकर पोर्टफोलियो को बेहतर रिस्क-एडजस्टेड रिटर्न देना है।”

Also Read: क्या Small-Cap Fund वाकई लॉन्ग टर्म में Large-Cap Fund से ज्यादा रिटर्न देते हैं? 20 साल की स्टडी ने खोली पोल 

फंड कहां करेगा निवेश?

यह इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजी एक मल्टी-लेयर और डायनामिक तरीके से काम करता है। इसका मुख्य फोकस (65% से 100%) मिड और स्मॉल-कैप एक्स-टॉप 100 कंपनियों और REITs में रहेगा। साथ ही, बेहतर वैल्यूएशन मिलने पर पोर्टफोलियो का 35% तक हिस्सा लार्ज कैप शेयरों में भी लगाया जा सकता है। जोखिम को संतुलित करने के लिए 25% तक निवेश डेट इंस्ट्रूमेंट्स जैसे ट्रेजरी बिल्स, मनी मार्केट सिक्योरिटीज और कॉरपोरेट बॉन्ड्स में किया जा सकता है।

इसके अलावा, यह स्ट्रैटेजी मिड और स्मॉल-कैप सेगमेंट में डेरिवेटिव्स के जरिए 25% तक अनहेज्ड शॉर्ट पोजीशन लेने की सुविधा भी देती है, जिसका उद्देश्य कमजोर प्रदर्शन करने वाली कंपनियों से रिटर्न कमाना है। साथ ही, 20% तक निवेश InvITs में किया जा सकता है, जिससे रियल एसेट्स से जुड़ी वैकल्पिक आय का लाभ मिलता है।

DynaSIF ने इससे पहले 25 फरवरी 2026 को DynaSIF Equity Long-Short Fund और 25 मार्च 2026 को DynaSIF Active Asset Allocator Long-Short Fund लॉन्च किए थे। ये दोनों निवेश रणनीतियां DynaSIF प्लेटफॉर्म के तहत पेश की गई थीं।

DynaSIF Equity Ex-Top 100 Long-Short Fund इस प्लेटफॉर्म के तहत लॉन्च की गई तीसरी निवेश रणनीति है।


(डिस्क्लेमर: यहां NFO की डीटेल दी गई है। ये निवेश की सलाह नहीं है। म्युचुअल फंड में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश संबंधी फैसला करने से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें।) 

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First Published - June 4, 2026 | 3:36 PM IST

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